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लाहौर हाई कोर्ट ने मोहम्मद रिज़वान की याचिका खारिज की, फोन जब्ती को वैध ठहराया

17/9/2026, 2:17:12 pm
लाहौर हाई कोर्ट ने मोहम्मद रिज़वान की याचिका खारिज की, फोन जब्ती को वैध ठहराया
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लाहौर हाई कोर्ट ने पाकिस्तानी क्रिकेटर मोहम्मद रिज़वान की याचिका खारिज कर दी है। रिज़वान ने एनसीसीआईए की जांच और उसके द्वारा जारी नोटिस के खिलाफ अदालत में गुहार लगाई थी। याचिका में उन्होंने फोन जब्ती को अवैध बताया था। एनसीसीआईए ने पिछले महीने रिज़वान का मोबाइल फोन जब्त किया था और उससे पूछताछ की अनुमति मांगी थी। एजेंसी का कहना है कि फोन में कुछ संदिग्ध संपर्क और संदेश मिले हैं जो आतंकवाद निरोधी जांच से जुड़े हो सकते हैं। रिज़वान ने दावा किया कि यह कार्रवाई बिना उचित वारंट के की गई और उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करती है। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि जांच एजेंसी को कानून के तहत फोन जब्त करने और नोटिस जारी करने का पूरा अधिकार है। जज ने यह भी स्पष्ट किया कि याचिका में ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं पेश किया गया जिससे कार्रवाई को अवैध ठहराया जा सके। अदालत ने एनसीसीआईए की प्रक्रिया को संवैधानिक दायरे में माना। फैसले के बाद रिज़वान के वकील ने कहा कि वे ऊपरी अदालत में अपील करेंगे। उन्होंने दावा किया कि जांच एजेंसी ने प्रक्रिया का पालन नहीं किया और फोन जब्त करने से पहले उचित वारंट नहीं लिया। वकील ने यह भी कहा कि एनसीसीआईए ने रिज़वान को नोटिस देने में देरी की, जिससे उनके बचाव का समय कम हुआ। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने इस मामले पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। हालांकि बोर्ड के सूत्रों ने कहा कि खिलाड़ियों की निजी जांच से खेल पर असर नहीं पड़ना चाहिए। बोर्ड ने यह भी संकेत दिया कि वह खिलाड़ियों के कानूनी अधिकारों की रक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएगा। एनसीसीआईए ने पहले भी कई हाई प्रोफाइल मामलों में फोन और दस्तावेज जब्त किए हैं। जानकारों का मानना है कि यह कदम आतंकवाद निरोधी जांच का हिस्सा है और अदालत का फैसला एजेंसी की कार्यप्रणाली को मजबूत करेगा। पिछले साल भी एक पूर्व मंत्री के फोन को जब्त किया गया था, जिस पर अदालत ने एजेंसी के पक्ष में फैसला दिया था। रिज़वान फिलहाल पाकिस्तान की राष्ट्रीय टीम के नियमित सदस्य हैं और हाल ही में उन्होंने कई अहम पारियां खेली हैं। इस कानूनी विवाद का उनके खेल पर क्या असर पड़ेगा, यह आने वाले हफ्तों में साफ होगा। क्रिकेट प्रशंसक और विशेषज्ञ दोनों ही इस मामले पर नजर रख रहे हैं। समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया
समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया

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