लाइव
टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।
भारत

महाराष्ट्र में 2.07 करोड़ मतदाता बाहर होने का खतरा, रोहित पवार ने SIR पर उठाए सवाल

16/8/2026, 11:59:17 pm
महाराष्ट्र में 2.07 करोड़ मतदाता बाहर होने का खतरा, रोहित पवार ने SIR पर उठाए सवाल
Original publisher image
महाराष्ट्र में मतदाता सूची संशोधन को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। राकांपा (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार ने चुनाव आयोग की 'समरी इंक्वायरी रिपोर्ट' (SIR) प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया के तहत राज्य में करीब 2.07 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा सकते हैं। पवार ने मंगलवार को पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि SIR के नाम पर बड़े पैमाने पर मतदाताओं को 'बोगस' या 'स्थानांतरित' दिखाकर उनके नाम काटने की तैयारी चल रही है। उन्होंने दावा किया कि जिन लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं, उनमें बड़ी संख्या में गरीब, मजदूर और ग्रामीण मतदाता शामिल हैं। चुनाव आयोग के नियमों के मुताबिक, SIR तब तैयार होती है जब बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर सत्यापन करते हैं। अगर कोई मतदाता दो बार लगातार नहीं मिलता, तो उसका नाम 'स्थानांतरित' या 'मृत' मानकर हटाने की सिफारिश की जाती है। पवार का आरोप है कि BLO ठीक से सत्यापन नहीं कर रहे और मनमाने ढंग से रिपोर्ट लगा रहे हैं। उन्होंने मांग की कि आयोग इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए और प्रभावित मतदाताओं को अपना पक्ष रखने का पूरा मौका दे। साथ ही, जिन BLO ने लापरवाही की है, उन पर कार्रवाई हो। महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने अभी तक इस आरोप पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण नियमित प्रक्रिया है और किसी भी मतदाता को आपत्ति दर्ज कराने का कानूनी अधिकार प्राप्त है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आगामी विधानसभा चुनाव से पहले यह मुद्दा तूल पकड़ सकता है। विपक्षी दल पहले भी मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोप लगाते रहे हैं। रोहित पवार के इस ताजा हमले से सत्तारूढ़ गठबंधन पर दबाव बढ़ना तय है।
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

संबंधित