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मायावती ने जयंत चौधरी के समर्थन में मोर्चा खोला, अखिलेश यादव पर निशाना

26/8/2026, 8:56:49 pm
मायावती ने जयंत चौधरी के समर्थन में मोर्चा खोला, अखिलेश यादव पर निशाना
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उत्तर प्रदेश की सियासत में समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के उस बयान ने पारा चढ़ा दिया है, जिसमें उन्होंने कहा- 'चवन्नी से जिसे रुपया बना दिया, वे भी छोड़कर चले गए।' इस टिप्पणी के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो गई कि नेता की भाषा उचित नहीं है। बसपा प्रमुख मायावती ने इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए राष्ट्रीय लोक दल के नेता जयंत चौधरी के समर्थन में खुलकर बयान दिया। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव के शब्द न केवल निरर्थक हैं बल्कि सामाजिक सद्भाव को भी नुकसान पहुंचाते हैं। मायावती ने जयंत चौधरी को किसान, युवा और छोटे व्यापारियों की आवाज़ बताते हुए उनके साथ मिलकर काम करने की घोषणा की। दोनों दलों के बीच सीट बंटवारे पर बातचीत चल रही है और सूत्रों के अनुसार जल्द ही एक संयुक्त घोषणा पत्र जारी किया जा सकता है। मायावती ने स्पष्ट किया कि इस गठबंधन का मुख्य लक्ष्य 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की बढ़त को रोकना और सामाजिक न्याय के मुद्दों जैसे बेरोजगारी, किसान ऋण और स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता देना है। अखिलेश यादव के बयान पर मायावती ने कहा कि नेता को अपनी भाषा की मर्यादा रखनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा प्रमुख अक्सर ऐसे बयान देकर अपने समर्थकों को भ्रमित करते हैं जबकि वास्तविक मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया जाता। यदि अखिलेश यादव अपने बयान पर कायम रहते हैं तो बसपा उनके खिलाफ कानूनी और政治 दोनों मोर्चों पर कार्रवाई करने की चेतावनी दी। लखनऊ के राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस गठबंधन से दलित और jat वोट बैंक पर असर पड़ सकता है। उन्होंने जोड़ा कि यदि बसपा और रालोद की साझेदारी मजबूत होती है तो पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जat आबादी और राज्य के विभिन्न दलित समुदायों में एकजुटता बढ़ सकती है। मायावती ने आगे कहा कि उनका ध्यान केवल चुनावी जीत तक सीमित नहीं है; वे सामाजिक समानता और आर्थिक न्याय के लंबी अवधि के लक्ष्यों को भी सामने रख रही हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे ground level पर काम करते रहें और जनता की समस्याओं को सुने। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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