लाइव
टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।
विश्व

मक्का रक्षा समझौता: सऊदी, तुर्की और पाकिस्तान की नई दोस्ती से भारत की चिंता बढ़ी

16/8/2026, 2:57:15 am
मक्का रक्षा समझौता: सऊदी, तुर्की और पाकिस्तान की नई दोस्ती से भारत की चिंता बढ़ी
Source feed image
मक्का में सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान ने एक संयुक्त रक्षा समझौते पर दस्तखत किए हैं। तीनों देशों ने कहा है कि वे क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करेंगे और आतंकवाद के ख़िलाफ़ मिलकर काम करेंगे। यह समझौता पश्चिम एशिया के मौजूदा सुरक्षा ढांचे को बदल सकता है। सऊदी अरब लंबे समय से अमेरिकी सुरक्षा छत्र पर निर्भर रहा है, लेकिन अब वह अपने विकल्प बढ़ा रहा है। तुर्की भी नाटो का सदस्य होने के बावजूद अपनी स्वतंत्र सैन्य नीति बना रहा है। पाकिस्तान के लिए यह समझौता अपनी रणनीतिक गहराई बढ़ाने का मौका है। भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता पाकिस्तान की मौजूदगी है। पाकिस्तान पहले से ही कश्मीर मुद्दे पर भारत के ख़िलाफ़ सक्रिय रहता है। नए गठजोड़ से पाकिस्तान को सऊदी और तुर्की से आधुनिक हथियार और खुफिया सहयोग मिल सकता है। हालांकि, सऊदी अरब और भारत के बीच ऊर्जा, निवेश और आतंकवाद विरोधी सहयोग गहरे हैं। रियाद ने कई मौकों पर पाकिस्तान को भारत के ख़िलाफ़ खुलकर समर्थन देने से परहेज किया है। तुर्की भी भारत के साथ व्यापारिक संबंध बढ़ा रहा है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह समझौता तुरंत कोई सैन्य टकराव नहीं लाएगा, लेकिन लंबे समय में शक्ति संतुलन बदल सकता है। भारत को अपनी कूटनीति में पश्चिम एशिया के नए समीकरणों को ध्यान में रखना होगा। नई दिल्ली पहले से ही खाड़ी देशों के साथ रणनीतिक संवाद चला रही है। अब उसे सऊदी और तुर्की दोनों से स्पष्ट संकेत लेने होंगे कि पाकिस्तान की भूमिका किस हद तक सीमित रहेगी। संयुक्त बयान में कहा गया है कि तीनों देश क्षेत्रीय स्थिरता के लिए मिलकर काम करेंगे। लेकिन ज़मीन पर अमल ही तय करेगा कि यह वादा कितना कारगर साबित होता है। पाकिस्तान की सेना पहले से ही तुर्की के साथ ड्रोन और प्रशिक्षण कार्यक्रम चला रही है। सऊदी अरब भी पाकिस्तान को वायु रक्षा प्रणालियों की आपूर्ति पर विचार कर रहा है। इन कदमों से पाकिस्तान की सैन्य क्षमता में इज़ाफ़ा हो सकता है। भारत के रक्षा विशेषज्ञ चेताते हैं कि यदि पाकिस्तान को उन्नत हथियार मिलते हैं, तो सीमा पर तनाव बढ़ सकता है। हालांकि, भारत अपनी मिसाइल रक्षा और साइबर क्षमताओं को भी तेज़ी से मजबूत कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों का कहना है कि यह गठजोड़ अमेरिकी प्रभाव को कम करने की कोशिश भी है। वाशिंगटन ने अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन वह स्थिति पर नज़र रखे हुए है। भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वह सभी पक्षों से शांति और स्थिरता बनाए रखने की अपील करता है। नई दिल्ली अपने रणनीतिक साझेदारों के साथ निरंतर संपर्क में रहेगी। समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया
समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया

संबंधित