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सर्जियो गोर के बयान से मोदी‑ट्रंप मुलाकात पर नई बहस

24/8/2026, 3:02:38 am
सर्जियो गोर के बयान से मोदी‑ट्रंप मुलाकात पर नई बहस
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अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने हाल ही में एक बयान दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात में किसी भी पत्रकार को सवाल पूछने की इजाजत नहीं दी गई। गोर ने कहा, “कोई सवाल न पूछे जाएं” और यह बात सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गई। कांग्रेस पार्टी ने इस बयान को शेयर करते हुए मोदी पर हमला बोला और पूछा कि प्रधानमंत्री क्यों प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं करते। पिछले कुछ सालों में मोदी ने नियमित प्रेस कॉन्फ्रेंस से परहेज किया है, जबकि पूर्व प्रधानमंत्री अक्सर मीडिया से बात करते थे। विपक्ष का आरोप है कि प्रेस कॉन्फ्रेंस न करना पारदर्शिता की कमी दिखाता है, जबकि सरकार का कहना है कि प्रधानमंत्री सीधे जनता से संवाद करते हैं। सोशल मीडिया पर यूज़र्स ने दोनों पक्षों के तर्क रखे – कुछ ने गोर के बयान को सबूत माना, दूसरों ने इसे राजनीतिक प्रचार बताया। विदेश मंत्रालय ने अब तक इस मुद्दे पर आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है, लेकिन जानकार मानते हैं कि ऐसी घटनाएं भारत‑अमेरिका संबंधों पर असर नहीं डालेंगी। फिर भी, मीडिया और नागरिक समाज की नज़र इस बात पर बनी रहेगी कि प्रधानमंत्री आगे प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हैं या नहीं। यह पहला मौका नहीं है जब मोदी की प्रेस कॉन्फ्रेंस न करने पर सवाल उठे हैं; 2019 के चुनाव अभियान के दौरान भी उन्होंने केवल चुनिंदा मीडिया से बात की थी। भाजपा प्रवक्ता ने गोर के बयान को “भ्रामक” बताया और कहा कि बैठक निजी थी, इसलिए मीडिया को आमंत्रित नहीं किया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत‑अमेरिका रणनीतिक साझेदारी में ऐसी छोटी घटनाएं लंबे समय तक असर नहीं डालतीं, लेकिन घरेलू राजनीति में ये मुद्दा बना रह सकता है। आने वाले हफ्तों में संसद के सत्र में भी इस विषय पर चर्चा होने की संभावना है, क्योंकि विपक्ष इसे जवाबदेही का मुद्दा बनाना चाहता है। समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया
समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया

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