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मोदी ने जिनपिंग से कहा: सीमा पर शांति ही रिश्तों की बुनियाद

16/9/2026, 2:56:30 am
मोदी ने जिनपिंग से कहा: सीमा पर शांति ही रिश्तों की बुनियाद
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को साफ शब्दों में कहा कि दोनों देशों के रिश्ते आगे बढ़ाने के लिए सीमा पर शांति पहली शर्त है। उन्होंने जोर देकर कहा कि एक-दूसरे की चिंताओं का सम्मान किए बिना कोई भी समझौता टिकाऊ नहीं होगा। यह बात हाल ही में हुई द्विपक्षीय बैठक में कही गई, जहां दोनों नेताओं ने लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश के विवादित इलाकों पर खुलकर चर्चा की। मोदी ने स्पष्ट किया कि सीमा पर तनाव कम करने के लिए दोनों पक्षों को व्यावहारिक कदम उठाने होंगे, न कि केवल बयानबाजी से काम चलाना होगा। चीनी पक्ष ने भी शांति की दिशा में सकारात्मक संकेत दिए, लेकिन जमीन पर कार्रवाई की गति अभी धीमी है। विशेषज्ञ मानते हैं कि सीमा पर स्थिरता ही व्यापार, निवेश और लोगों के आपसी संपर्क को मजबूत कर सकती है। भारत ने अपनी सुरक्षा तैयारियों को भी मजबूत किया है, ताकि किसी भी उकसावे का तुरंत जवाब दिया जा सके। दोनों देशों के बीच अगले दौर की बातचीत जल्द होने की उम्मीद है, जिससे भरोसा बहाल हो सके। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी कहा कि सीमा पर शांति बनाए रखना दोनों देशों के हित में है। चीन के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि दोनों पक्ष संवाद जारी रखेंगे और मतभेदों को बातचीत से सुलझाएंगे। पिछले वर्ष गलवान घाटी में हुई झड़प के बाद से दोनों देशों के बीच विश्वास की कमी बनी हुई है। इस पृष्ठभूमि में मोदी का सीधा संदेश नई उम्मीद जगाता है, बशर्ते दोनों पक्ष शब्दों को कार्रवाई में बदलें। अंत में, मोदी ने दोहराया कि शांति और आपसी सम्मान ही लंबे समय तक चलने वाले संबंधों का आधार हैं। व्यापारिक संगठनों ने भी सीमा पर शांति को आर्थिक सहयोग के लिए जरूरी बताया है। भारत-चीन सीमा पर बने बफर जोन की निगरानी के लिए संयुक्त तंत्र बनाने पर भी सहमति बनी है। संयुक्त तंत्र में दोनों सेनाओं के अधिकारी नियमित रूप से जानकारी साझा करेंगे। इस कदम से गलतफहमी कम होगी और तनाव की स्थिति जल्द सुलझ सकेगी। वहीं, अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की है। भारत ने साफ किया कि वह अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता से कोई समझौता नहीं करेगा। चीन ने भी कहा कि वह सीमा मुद्दे को शांतिपूर्ण तरीके से हल करने के लिए प्रतिबद्ध है। दोनों नेताओं ने अगले महीने फिर मिलने का फैसला किया है ताकि प्रगति की समीक्षा हो सके। समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

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