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भारत

मानसून का आगमन: केरल पहुंचा, पर उत्तर-मध्य भारत में सूखे का साया, इन राज्यों में होगी झमाझम बारिश

17/5/2026, 4:34:29 am
मानसून का आगमन: केरल पहुंचा, पर उत्तर-मध्य भारत में सूखे का साया, इन राज्यों में होगी झमाझम बारिश
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नई दिल्ली: भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने आखिरकार देश में मानसून के आगमन की आधिकारिक घोषणा कर दी है। शुक्रवार, 17 मई को मानसून ने केरल तट पर दस्तक दे दी है, जिससे देश के दक्षिणी हिस्सों में किसानों और आम लोगों को थोड़ी राहत मिली है। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून के केरल पहुंचने के बाद, अगले कुछ दिनों में कर्नाटक, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर के राज्यों में अच्छी बारिश होने की उम्मीद है। समय के साथ, यह धीरे-धीरे देश के अन्य हिस्सों की ओर बढ़ेगा, जिससे उम्मीद है कि गर्मी से परेशान लोगों को राहत मिलेगी। हालांकि, यह खबर उतनी खुशहाली भरी नहीं है जितनी हम उम्मीद करते हैं। IMD ने एक चिंताजनक भविष्यवाणी की है कि इस मानसून सत्र में देश के लगभग आधे हिस्से, विशेष रूप से उत्तर और मध्य भारत में, भीषण सूखे का सामना करना पड़ सकता है। जून से सितंबर तक की अवधि में होने वाली मानसूनी बारिश के सामान्य से कम रहने का अनुमान है। यह अनुमान भारत जैसे कृषि प्रधान देश के लिए गंभीर चिंता का विषय है, जहाँ की अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा मानसूनी बारिश पर निर्भर करता है। सूखे की आशंका का सीधा असर फसलों पर पड़ेगा, जिससे किसानों को भारी नुकसान हो सकता है। जल स्रोतों में पानी की कमी पीने के पानी की आपूर्ति को भी प्रभावित कर सकती है, जिससे बड़े पैमाने पर संकट पैदा हो सकता है। पिछले कुछ वर्षों में, मानसून के व्यवहार में आए अप्रत्याशित बदलावों ने वैज्ञानिकों और नीति निर्माताओं को चिंतित किया है। कभी अत्यधिक बारिश से बाढ़ की स्थिति बनती है, तो कभी सूखे जैसी नौबत आ जाती है। इस स्थिति से निपटने के लिए सरकार और संबंधित एजेंसियों को पहले से ही कमर कस लेनी चाहिए। जल संरक्षण और कुशल जल प्रबंधन योजनाएं इस चुनौती का सामना करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। किसानों को भी सूखे की मार झेलने वाली फसलों के विकल्प पर विचार करना होगा। कुल मिलाकर, जहाँ एक ओर कुछ राज्यों में बारिश की ब होणार है, वहीं दूसरी ओर देश के बड़े हिस्से को सूखे की आशंका से निपटने के लिए तैयार रहना होगा। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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