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मोतिहारी में दंगल: 40 से ज्यादा जोड़ियों ने दिखाया दम

17/8/2026, 6:37:03 pm
मोतिहारी में दंगल: 40 से ज्यादा जोड़ियों ने दिखाया दम
मोतिहारी के ऐतिहासिक मैदान में शनिवार को एक बड़ा दंगल आयोजित हुआ। इस आयोजन में आसपास के जिलों से चालीस से अधिक जोड़ी पहलवान पहुंचे। हर जोड़ी में दो पहलवान थे जो पारंपरिक कुश्ती के नियमों के अनुसार मुकाबला कर रहे थे। तैयारी कई दिन पहले शुरू हो गई थी, स्थानीय प्रशिक्षकों ने मिट्टी के अखाड़े को समतल किया और सुरक्षा के लिए बाड़ लगाई। दर्शकों के लिए टेंट और पेयजल की व्यवस्था की गई थी। सुबह साढ़े आठ बजे से मुकाबले शुरू हुए, पहले दौर में हल्के वजन के पहलवानों ने दम दिखाया। मुख्य आकर्षण भारी वजन की जोड़ियों का मुकाबला रहा, मोतिहारी के पहलवानों ने विरोधियों को हराकर दर्शकों का दिल जीता। उनकी तकनीक और बल दोनों सराहे गए, दूसरी ओर से आए पहलवानों ने भी अपना हुनर दिखाया। मुकाबलों के बीच स्थानीय कलाकारों ने लोक गीत और नृत्य प्रस्तुत किए, माहौल जीवंत हो गया। बच्चों और बुजुर्गों ने ताली बजाई और विजेताओं को जोर से चीयर किया। इस दंगल का उद्देश्य केवल खेल नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता बढ़ाना भी था। अलग-अलग समुदायों के पहलवान एक ही मंच पर आए और एक-दूसरे का सम्मान किया। आयोजकों ने बताया कि ऐसे आयोजन युवाओं को खेल की ओर आकर्षित करते हैं और स्थानीय प्रतिभा को पहचान मिलती है। करीब तीन हजार दर्शक मैदान में जुटे थे, जिनमें स्कूली बच्चे, किसान और शहर के व्यापारी शामिल थे। स्थानीय व्यवसायियों ने आयोजन को प्रायोजित किया और विजेताओं के लिए पुरस्कार राशि बढ़ाई। मोतिहारी में दंगल की परंपरा पचास वर्ष से चली आ रही है, हर साल यह आयोजन बड़े उत्साह से मनाया जाता है। आयोजक समिति ने अगले साल से महिला पहलवानों के लिए अलग श्रेणी शुरू करने की घोषणा की। पहलवानों ने बताया कि नियमित अभ्यास और पारंपरिक आहार उनकी ताकत का राज है। स्थानीय समाचार पत्र और टीवी चैनल ने पूरे आयोजन का सीधा प्रसारण किया। इस आयोजन में पारंपरिक कुश्ती पोशाक और उपकरणों की प्रदर्शनी भी लगी, जिससे नई पीढ़ी को अपनी विरासत याद आई। चिकित्सा दल मौजूद था ताकि पहलवानों को तुरंत सहायता मिल सके और सुरक्षा सुनिश्चित हो। अगले साल के लिए अखाड़े में बेहतर रोशनी और बैठने की व्यवस्था करने की योजना चल रही है। निवासियों ने अपने शहर में इतने बड़े खेल आयोजन की मेजबानी पर गर्व व्यक्त किया। कई स्कूली टीमों ने स्वयंसेवक के रूप में मदद की और आयोजन प्रबंधन का अनुभव प्राप्त किया। अंत में विजेता जोड़ियों को ट्रॉफी और नकद पुरस्कार दिए गए। सभी प्रतिभागियों ने हाथ मिलाकर खेल भावना का परिचय दिया। दर्शकों की भीड़ और खिलाड़ियों के उत्साह ने इस दंगल को यादगार बना दिया। समाचार स्रोत: Google News — Motihari (Hindi)
समाचार स्रोत: Google News — Motihari (Hindi)

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