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मोतिहारी में नागपंचमी पर भव्य मेले, हज़ारों श्रद्धालु जुटे

17/8/2026, 6:37:44 pm
मोतिहारी में नागपंचमी पर भव्य मेले, हज़ारों श्रद्धालु जुटे
मोतिहारी में नागपंचमी के मौके पर शहर के प्रमुख मंदिरों और मैदानों में बड़े पैमाने पर मेलों का आयोजन किया गया। जिला प्रशासन ने सुरक्षा, साफ़‑सफ़ाई और यातायात नियंत्रण के लिए विशेष इंतज़ाम किए थे, जिससे श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो। सुबह से ही नाग देवता की पूजा के लिए लंबी कतारें लगी रहीं और भजन‑कीर्तन की ध्वनि पूरे इलाके में गूंजती रही। मुख्य मेला पुराने शिव मंदिर के सामने लगा, जहां पारंपरिक नाग पूजन के साथ लोकगीत, नृत्य और कठपुतली शो भी प्रस्तुत किए गए। स्थानीय कलाकारों ने भजन‑कीर्तन से माहौल को भक्तिमय बनाया, जबकि बच्चों के लिए झूले, खिलौने और मिठाई की दुकानें सजी थीं। दूसरा बड़ा आयोजन राजकीय उच्च विद्यालय के मैदान में हुआ, जहां कृषि प्रदर्शनी और हस्तशिल्प स्टॉल भी लगाए गए थे। किसानों ने उन्नत बीज, जैविक खाद और नई कृषि तकनीक की जानकारी ली, वहीं महिला स्वयं सहायता समूहों ने हाथ से बने कपड़े और आभूषण बेचे। जिलाधिकारी ने बताया कि दोनों मेलों में करीब 25 हज़ार लोग पहुंचे, और पुलिस ने अतिरिक्त बल तैनात कर भीड़ प्रबंधन किया। स्वास्थ्य विभाग ने प्राथमिक चिकित्सा शिविर लगाए, जिससे किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद मिल सके। स्थानीय विधायक ने मेले का उद्घाटन करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन सामाजिक सौहार्द और सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करते हैं, और युवाओं से परंपराओं को सहेजने का आह्वान किया। शाम को आतिशबाजी के साथ मेले का समापन हुआ, और श्रद्धालु अपने‑अपने घर लौटते समय नाग देवता की कृपा की कामना करते दिखे। प्रशासन ने अगले वर्ष और भव्य आयोजन का आश्वासन दिया। मेले में स्थानीय व्यंजनों की खुशबू फैली रही, जहां लिट्टी‑चोखा, पूरी‑सब्जी और मीठे पकवानों की दुकानें ग्राहकों को आकर्षित करती रहीं। युवाओं ने पारंपरिक खेलों जैसे कबड्डी और गिल्ली‑डंडा में हिस्सा लिया, जिससे मेले का माहौल और भी जीवंत हो गया। स्वयंसेवी संगठनों ने स्वच्छता अभियान चलाया और प्लास्टिक मुक्त मेला बनाने के लिए जागरूकता स्टॉल लगाए। स्थानीय मीडिया ने पूरे आयोजन की लाइव कवरेज की, जिससे दूर‑दराज के दर्शक भी उत्सव का आनंद ले सके। मेले के अंत में आयोजकों ने सभी सहयोगियों का धन्यवाद किया और अगले साल और बड़े पैमाने पर आयोजन की योजना साझा की। ग्रामीण इलाकों से आए बुजुर्गों ने आशीर्वाद दिया और कहा कि नागपंचमी की परंपरा गांव‑गांव में जीवित रहनी चाहिए। समाचार स्रोत: Google News — Motihari (Hindi)
समाचार स्रोत: Google News — Motihari (Hindi)

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