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मोतिहारी में नातिया मुशायरे की रंगीन महफ़िल, बिहार के कई जिलों के शायर पहुंचे

31/8/2026, 5:04:11 am
मोतिहारी में नातिया मुशायरे की रंगीन महफ़िल, बिहार के कई जिलों के शायर पहुंचे
मोतिहारी के गांधी मैदान में शुक्रवार शाम को नातिया मुशायरे का आयोजन हुआ। इस महफ़िल में सूफी परंपरा की नातिया शायरी पेश की गई, जिसमें अल्लाह और पैगंबर की प्रशंसा के साथ सामाजिक सद्भाव का संदेश था। आयोजकों ने बताया कि कार्यक्रम का मकसद युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना और भाईचारा बढ़ाना है। बिहार के पटना, मुजफ्फरपुर, गया, भागलपुर, सीतामढ़ी आदि जिलों के शायर मंच पर आए। पटना के एक वरिष्ठ शायर ने ‘खुदा की रहमत’ शीर्षक नज़्म पढ़ी, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। मुजफ्फरपुर की एक शायरा ने ‘मोहम्मद की मेहरबानी’ पर ग़ज़ल सुनाई, जिसकी धुन तबले और हारमोनियम के साथ गूंजी। गया के शायर ने सूफी संगीत के साथ ‘इश्क़-ए-रसूल’ पर लंबी नज़्म प्रस्तुत की, जिससे महफ़िल भावुक हो उठी। भागलपुर के युवा शायर ने आधुनिक शैली में नातिया कविता पढ़ी, जिससे नई पीढ़ी भी जुड़ी। स्थानीय कलाकारों ने तबला, हारमोनियम और सारंगी पर संगत दी, जिससे माहौल और भी रसमय बना। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. शाहिद अली ने कहा कि मोतिहारी में ऐसी महफ़िलें बिहार की विविध सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखती हैं। उन्होंने अगले महीने मुजफ्फरपुर में इसी तरह का आयोजन करने की घोषणा की, ताकि अधिक शायरों को मंच मिल सके। दर्शकों में युवा, बुजुर्ग और महिलाएं बड़ी संख्या में मौजूद थे, सभी ने शायरी की गहराई को महसूस किया। समाचार स्रोत: Google News — Motihari (Hindi)
समाचार स्रोत: Google News — Motihari (Hindi)

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