लाइव
टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।
भारत

राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस पर ISRO का बड़ा ऐलान: 2035 तक अपना स्पेस स्टेशन

24/8/2026, 1:44:11 am
राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस पर ISRO का बड़ा ऐलान: 2035 तक अपना स्पेस स्टेशन
Original publisher image
राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के मौके पर ISRO के प्रमुख एस. सोमनाथ ने बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि 2035 तक भारत अंतरिक्ष में अपना खुद का स्टेशन स्थापित करेगा। इस घोषणा के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। मोदी ने कहा कि यह लक्ष्य भारत की वैज्ञानिक शक्ति और युवा प्रतिभा को दर्शाता है। ISRO प्रमुख ने बताया कि स्टेशन का निर्माण चरणबद्ध तरीके से होगा। पहले चरण में छोटे मॉड्यूल भेजे जाएंगे, फिर उन्हें जोड़कर बड़ा स्टेशन तैयार किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस परियोजना में निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाई जाएगी। स्टार्टअप और उद्योगों को तकनीकी सहयोग देने के लिए नई नीतियां लाई जाएंगी। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में अंतरिक्ष अनुसंधान को रोजगार और अर्थव्यवस्था से जोड़ा। उन्होंने कहा कि स्पेस स्टेशन से नए अवसर पैदा होंगे और देश की सुरक्षा भी मजबूत होगी। वैज्ञानिक समुदाय ने इस घोषणा का स्वागत किया। विशेषज्ञों का मानना है कि 2035 तक का लक्ष्य चुनौतीपूर्ण लेकिन संभव है, बशर्ते धन और मानव संसाधन समय पर मिलें। ISRO ने पिछले वर्षों में चंद्रयान-3 और आदित्य-एल1 जैसे मिशन सफलतापूर्वक पूरे किए हैं। इन सफलताओं ने आत्मविश्वास बढ़ाया है और अंतरिक्ष तकनीक में भारत की स्थिति मजबूत की है। अब अगला कदम अंतरिक्ष में लंबे समय तक मानव उपस्थिति सुनिश्चित करना है। स्टेशन के लिए जीवन रक्षा प्रणाली, ऊर्जा स्रोत और संचार तकनीक विकसित की जा रही हैं। सरकार ने बजट में अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए अतिरिक्त राशि आवंटित की है। इससे अनुसंधान और विकास तेजी से आगे बढ़ सकेगा। अंतरिक्ष स्टेशन के निर्माण में अंतरराष्ट्रीय सहयोग की भी संभावना देखी जा रही है। कई देशों ने तकनीकी साझेदारी में रुचि दिखाई है। इस कदम से भारत अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था में बड़ा खिलाड़ी बन सकता है। भविष्य में व्यावसायिक लॉन्च सेवाएं और अंतरिक्ष पर्यटन भी संभव होंगे। विशेषज्ञों का कहना है कि स्टेशन के लिए जीवन रक्षा, ऊर्जा और संचार प्रणालियों का विकास अगले पांच वर्षों में पूरा हो सकता है। इस दौरान ISRO अपने मौजूदा लॉन्च वाहनों को अपग्रेड करेगा। सरकार ने निजी कंपनियों को अंतरिक्ष स्टेशन के मॉड्यूल बनाने के लिए प्रोत्साहन पैकेज घोषित किया है। इससे घरेलू उद्योग को नई तकनीक और निर्यात के अवसर मिलेंगे। अंतरिक्ष स्टेशन के संचालन के लिए अंतरिक्ष यात्रियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शुरू किए जाएंगे। ISRO ने इसके लिए नए प्रशिक्षण केंद्र की योजना तैयार की है। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

संबंधित