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भारत

चीनी की बढ़ती कीमतों पर सरकार का बड़ा राहत ऐलान

24/8/2026, 2:00:03 am
चीनी की बढ़ती कीमतों पर सरकार का बड़ा राहत ऐलान
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पिछले कुछ हफ्तों से चीनी की खुदरा कीमतें लगातार चढ़ रही हैं और एक किलो 45 रुपये के पार पहुंच गया है, जिससे रसोई का बजट आम आदमी के लिए भारी पड़ रहा है। इस बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा असर कम आय वाले परिवारों पर पड़ रहा है, क्योंकि उनके खाने-पीने का खर्च पहले से ही सीमित है और चीनी रोज़मर्रा की जरूरत है। केंद्र ने इस स्थिति को देखते हुए बड़ा राहत कदम उठाया है। खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने चीनी पर आयात शुल्क 10 % से घटाकर 5 % करने का फैसला लिया है, ताकि आयात सस्ता हो और घरेलू बाजार में आपूर्ति बढ़े। साथ ही भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के गोदामों से दो लाख टन चीनी खुले बाजार में उतारने का निर्देश दिया गया है, जिससे तुरंत स्टॉक बढ़े और दाम नीचे आएं। आगामी त्योहारी सीजन में मांग और बढ़ने की उम्मीद है, इसलिए राज्यों को त्योहारों के दौरान अतिरिक्त स्टॉक रखने और सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से सस्ती चीनी मुहैया कराने को कहा गया है। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू होगा और कीमतों पर जल्द असर दिखेगा। उन्होंने यह भी कहा कि राज्यों को पीडीएस के जरिए सस्ती चीनी के लिए अतिरिक्त कोटा दिया जाएगा, ताकि गरीब परिवारों को सीधा लाभ मिले। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्ची चीनी के दाम ऊंचे बने हुए हैं क्योंकि ब्राज़ील और थाईलैंड जैसे प्रमुख निर्यातकों की फसल कमजोर रही है, जिससे वैश्विक आपूर्ति तंग है और आयात महंगा हो रहा है। चीनी उद्योग के प्रतिनिधियों ने इस कदम का स्वागत किया है और कहा कि आयात शुल्क कम होने से मिलों को कच्चे माल की कमी नहीं होगी, जिससे उत्पादन सुचारु रहेगा और किसानों को भी समय पर भुगतान मिल सकेगा। हालांकि कुछ विशेषज्ञ मानते हैं कि लंबी अवधि में कीमतों पर काबू पाने के लिए गन्ने की खेती को प्रोत्साहन देना, सिंचाई सुविधा बढ़ाना और उन्नत बीज उपलब्ध कराना जरूरी है। सरकार ने एक निगरानी समिति बनाई है जो हर सप्ताह कीमतों की समीक्षा करेगी; इसमें उपभोक्ता मामले, वाणिज्य और कृषि मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं, ताकि बाजार में कृत्रिम कमी न पैदा हो। उपभोक्ता संगठनों ने भी फैसले को सकारात्मक बताया है, लेकिन उन्होंने निगरानी की मांग की है ताकि व्यापारी स्टॉक जमा न कर सकें और आम उपभोक्ता को वास्तविक राहत मिले। आने वाले हफ्तों में कीमतों की फिर से समीक्षा होगी और जरूरत पड़ने पर आगे के कदम उठाए जाएंगे, जिससे त्योहारी सीजन में चीनी की उपलब्धता और कीमत स्थिर रहे। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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