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नेपाल में बाढ़ के बाद 5.2 तीव्रता का भूकंप, राहत कार्य में बाधा

27/8/2026, 6:40:50 am
नेपाल में बाढ़ के बाद 5.2 तीव्रता का भूकंप, राहत कार्य में बाधा
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नेपाल में लगातार बारिश से बाढ़ और भूस्खलन ने पहले ही 150 से ज्यादा जानें ली हैं। शुक्रवार को काठमांडू के उत्तर-पूर्व में 5.2 तीव्रता का भूकंप आया, जिससे लोग फिर दहशत में आ गए। मौसम विभाग ने बताया कि भूकंप का केंद्र काठमांडू से 30 किलोमीटर दूर, 10 किलोमीटर गहराई पर था। झटके पूर्वी पहाड़ी इलाकों में भी महसूस हुए, जहां भूस्खलन से सड़कें पहले ही बंद हैं। अधिकारियों ने कहा कि भूकंप से बड़े नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन राहत कार्य और मुश्किल हो गया है। सेना और एनडीआरएफ की टीमें प्रभावित गांवों में खाना, पानी और दवाएं पहुंचा रही हैं। स्थानीय लोगों ने रात भर झटके महसूस किए और घरों से बाहर निकल आए। वैज्ञानिकों के मुताबिक भारी बारिश से जमीन में पानी भरने पर भूकंप की संवेदनशीलता बढ़ सकती है। सरकार ने आपात बैठक बुलाई और अंतरराष्ट्रीय मदद की अपील की है। अब तक 157 मौतों की पुष्टि हुई है और सैकड़ों लोग लापता हैं। राहत तेज करने के लिए हेलीकॉप्टर भी तैनात किए गए हैं। स्थिति पर नजर रखी जा रही है और आने वाले दिनों में और झटकों की आशंका है। काठमांडू घाटी में इमारतों की जांच शुरू हो गई है और स्कूल-कॉलेज बंद रखे गए हैं। बिजली और संचार सेवाएं कई इलाकों में ठप हैं, जिससे संपर्क टूट गया है। नेपाल सरकार ने भारतीय सेना से भी सहायता मांगी है, जिसके बाद भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर राहत सामग्री लेकर पहुंचे। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे में और बारिश की चेतावनी दी है, जिससे भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय एनजीओ और स्वयंसेवक भी राहत सामग्री बांट रहे हैं, लेकिन संसाधन सीमित हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि भूकंप और बाढ़ का संयुक्त प्रभाव दीर्घकालिक पुनर्निर्माण को कठिन बना देगा। समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

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