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बाढ़ से तबाह नेपाल ने मांगा जलवायु मुआवजा, चीन-अमेरिका-भारत को घेरा

1/9/2026, 7:31:36 pm
बाढ़ से तबाह नेपाल ने मांगा जलवायु मुआवजा, चीन-अमेरिका-भारत को घेरा
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नेपाल में पिछले हफ्ते आई भीषण बाढ़ ने सैकड़ों जानें ली हैं और हजारों घर तबाह कर दिए हैं। काठमांडू घाटी समेत कई जिले अब भी पानी में डूबे हैं। प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने मंगलवार को कहा कि यह आपदा कुदरती नहीं, बल्कि जलवायु परिवर्तन का नतीजा है। उन्होंने दुनिया के सबसे बड़े कार्बन उत्सर्जक देशों — चीन, अमेरिका और भारत — से मुआवजे की मांग रख दी। ओली ने संसद में बयान देते हुए कहा, "हमारे पहाड़ पिघल रहे हैं, नदियां उफान पर हैं, और इसके जिम्मेदार वे मुल्क हैं जो दशकों से धुएं में धरती को जलाते आए हैं।" नेपाल का तर्क है कि उसका कार्बन उत्सर्जन न के बराबर है, फिर भी वह जलवायु संकट की सबसे ज्यादा मार झेल रहा है। बाढ़ ने बागमती, कोसी और गंडकी नदियों के तटबंध तोड़ दिए। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 220 से ज्यादा मौतें हुई हैं, 50 हजार से अधिक लोग बेघर हुए हैं। फसलें चौपट हुई हैं, सड़कें और पुल बह गए हैं। राहत शिविरों में जगह कम पड़ रही है। जलवायु विशेषज्ञों का कहना है कि नेपाल की मांग 'लॉस एंड डैमेज' फंड के तहत जायज है। पिछले साल दुबई में हुए COP28 में इस फंड पर सहमति बनी थी, लेकिन पैसा अभी तक नहीं पहुंचा। नेपाल अब COP29 से पहले दबाव बनाना चाहता है। भारत के विदेश मंत्रालय ने अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। चीन और अमेरिका के दूतावासों ने मानवीय सहायता की पेशकश की है, लेकिन मुआवजे पर चुप्पी साधे हैं। जानकार मानते हैं कि नेपाल का यह कदम दक्षिण एशिया में जलवायु न्याय की नई बहस छेड़ सकता है। समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

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