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नेपाल में बाढ़ के बाद भूकंप के झटके, काठमांडू तक हिली धरती

8/9/2026, 8:21:42 pm
नेपाल में बाढ़ के बाद भूकंप के झटके, काठमांडू तक हिली धरती
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नेपाल में प्राकृतिक आपदाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। पिछले हफ्ते भारी बारिश और भूस्खलन से आई बाढ़ ने सैकड़ों जानें लीं और हजारों घर तबाह कर दिए। अभी राहत कार्य ठीक से शुरू भी नहीं हुए थे कि शनिवार सुबह भूकंप के तेज झटकों ने देश को फिर हिला दिया। नेपाल के राष्ट्रीय भूकंप निगरानी केंद्र के अनुसार, भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 5.8 मापी गई। इसका केंद्र सिंधुपालचौक जिले में था, जो काठमांडू से करीब 70 किलोमीटर पूर्व में है। झटके इतने तेज थे कि राजधानी काठमांडू, ललितपुर, भक्तपुर और आसपास के जिलों में लोग घरों से बाहर निकल आए। कई इमारतों में दरारें आने की खबरें हैं। प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने आपात बैठक बुलाकर राहत एजेंसियों को अलर्ट पर रखा है। सेना और सशस्त्र पुलिस बल को प्रभावित इलाकों में तैनात किया गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने अस्पतालों को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा है। बाढ़ पीड़ित पहले से ही अस्थायी शिविरों में रह रहे हैं। भूकंप ने उनकी चिंता और बढ़ा दी है। सिंधुपालचौक के एक निवासी राम बहादुर तामांग ने बताया, "बाढ़ में सब कुछ बह गया। अब भूकंप ने बचा हुआ भी डरा दिया। हम कहां जाएं?" मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों में भारी बारिश की चेतावनी दी है, जिससे भूस्खलन का खतरा और बढ़ गया है। भारत ने भी नेपाल को हर संभव मदद का भरोसा दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि एनडीआरएफ की टीमें स्टैंडबाय पर हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि नेपाल भौगोलिक रूप से बेहद संवेदनशील क्षेत्र में स्थित है। यहां बाढ़, भूस्खलन और भूकंप का खतरा हमेशा बना रहता है। दीर्घकालिक समाधान के लिए बेहतर शहरी योजना, पूर्व चेतावनी प्रणाली और आपदा प्रबंधन ढांचे को मजबूत करना जरूरी है। समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

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