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नेपाल की बाढ़ लाई बिहार में अजीब मछलियाँ

4/9/2026, 3:45:27 pm
नेपाल की बाढ़ लाई बिहार में अजीब मछलियाँ
नेपाल के पहाड़ी इलाकों में पिछले हफ्ते भारी बारिश और बादल फटने से कई नदियाँ अचानक उफन गईं। यह पानी सीमा पार करके बिहार के उत्तरी जिलों सुपौल, मधेपुरा, किशनगंज और अररिया में घुस गया। पानी के साथ बहकर कुछ ऐसी मछलियाँ आईं जो बिहार की नदियों में आम नहीं हैं। स्थानीय मछुआरों ने जब अपने जाल में इन्हें देखा तो हैरान रह गए। ये मछलियाँ सामान्य रोहू, कतला या मौर से लंबी और पतली हैं, उनके शरीर पर चमकीली सुनहरी धारियाँ और बड़े पेक्टोरल पंख हैं। बिहार मत्स्य विभाग के वैज्ञानिकों ने प्रारंभिक जांच के बाद इन्हें नेपाल की पहाड़ी नदियों में पाई जाने वाली गोल्डन महसीर और कुछ कैटफ़िश प्रजातियों का मिश्रण माना है। विभाग ने तुरंत नमूने लेकर पटना की प्रयोगशाला भेजे। प्रयोगशाला की प्रारंभिक रिपोर्ट कहती है कि ये मछलियाँ विषैली नहीं हैं और उनका मांस खाने योग्य लगता है, लेकिन अंतिम प्रजाति पहचान तक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। पर्यावरण विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि ये प्रजातियाँ स्थानीय पारिस्थितिकी में बस गईं तो वे देशी मछलियों से भोजन और स्थान के लिए प्रतिस्पर्धा कर सकती हैं। बिहार सरकार ने जिला स्तर पर अलर्ट जारी किया है। मछुआरों को अज्ञात मछलियाँ बेचने या खरीदने से मना किया गया है और ऐसी मछली जाल में आने पर तुरंत विभाग को सूचना देने को कहा गया है। साथ ही नदी किनारे के गांवों में जागरूकता अभियान शुरू किया गया है। विशेषज्ञ मानते हैं कि जलवायु परिवर्तन और बार-बार आने वाली बाढ़ से ऐसे जीवों का स्थानांतरण भविष्य में और बढ़ सकता है। इसलिए नदी पारिस्थितिकी की निगरानी और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जरूरी है। समाचार स्रोत: Google News — Bihar (Hindi)
समाचार स्रोत: Google News — Bihar (Hindi)

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