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नेपाल बाढ़: चंपारण के परिवार अपनों की तलाश में

6/9/2026, 5:00:23 am
नेपाल बाढ़: चंपारण के परिवार अपनों की तलाश में
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नेपाल में आई भारी बारिश और बाढ़ ने सीमावर्ती इलाकों को तबाह कर दिया है। बिहार के पूर्वी और पश्चिम चंपारण जिलों से बड़ी संख्या में मज़दूर नेपाल के काठमांडू और आसपास के इलाकों में काम करने गए थे। अब उनके परिवार सिर्फ़ इंतज़ार में हैं। बाढ़ के बाद संचार टूट गया है। मोबाइल नेटवर्क बंद हैं और सड़कें बह गई हैं। स्थानीय प्रशासन और नेपाली सेना बचाव अभियान चला रही हैं, लेकिन पहाड़ी इलाकों तक पहुँचना मुश्किल है। चंपारण के गांवों में महिलाएं और बुजुर्ग घरों के बाहर बैठकर रोते हुए अपने बेटों, बेटियों और पति के लौटने की आस लगाए हैं। एक माँ ने कहा, “मेरी मम्मी का शव ही लाकर कोई दे दो” – यह वाक्य पूरे इलाके की पीड़ा को बयां करता है। बिहार सरकार ने नेपाल दूतावास से संपर्क किया है और भारतीय दूतावास को भी सूचना दी है। राहत सामग्री और मेडिकल टीमें भेजी जा रही हैं। लेकिन जानकारी की कमी परिवारों को और चिंतित कर रही है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों में और बारिश की चेतावनी दी है। इससे बचाव कार्य और धीमा हो सकता है। स्थानीय लोग खुद भी नावों और रस्सियों से लोगों को निकालने की कोशिश कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण इस तरह की चरम मौसमी घटनाएं बढ़ रही हैं। सीमावर्ती राज्यों को बेहतर पूर्व-चेतावनी तंत्र और संयुक्त आपदा प्रबंधन योजना बनाने की जरूरत है। फिलहाल, चंपारण के परिवार बस यही दुआ कर रहे हैं कि उनके अपने सुरक्षित लौट आएं या कम से कम उनका शव मिल जाए ताकि अंतिम संस्कार हो सके। समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया
समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया

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