लाइव
टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।
भारत

नेपाल बाढ़: विदेश मंत्री जयशंकर ने काठमांडू और बीजिंग राजदूतों के साथ बैठक कर बचाव व सुरक्षा पर चर्चा की

26/8/2026, 10:13:10 pm
नेपाल बाढ़: विदेश मंत्री जयशंकर ने काठमांडू और बीजिंग राजदूतों के साथ बैठक कर बचाव व सुरक्षा पर चर्चा की
Original publisher image
भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने 27 अगस्त को नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद हालात की समीक्षा करने के लिए एक विशेष बैठक बुलाई। इस बैठक में काठमांडू स्थित भारतीय राजदूत तथा बीजिंग में स्थित चीन के राजदूत भी शामिल हुए। मंत्री ने कहा कि नेपाल सरकार के साथ मिलकर बचाव और राहत अभियान को तेज किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि भारतीय वायु सेना, सेना और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमें पहले ही सीमावर्ती इलाकों में पहुँच चुकी हैं और खाद्य पैकेट, पीने का स्वच्छ पानी तथा अस्थायी आश्रय सामग्री वितरित कर रही हैं। बैठक में विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। उन्होंने बताया कि नेपाल के विभिन्न जिलों में जलस्तर अभी भी खतरनाक रूप से ऊंचा है और कई सड़कें तथा पुल क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इस वजह से बचाव टीमों को हेलीकॉप्टरों और नावों का प्रयोग करना पड़ रहा है। जयशंकर ने जोर दिया कि भारतीय दल ने अब तक हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया है और घायलों को नजदीक के अस्पतालों में पहुँचाने का काम जारी है। बैठक के दौरान बीजिंग राजदूत ने चीन की तरफ से भी मदद की पेशकश की और कहा कि दोनों देश मिलकर नेपाल को तकनीकी उपकरण एवं राहत सामग्री प्रदान कर सकते हैं। काठमांडू राजदूत ने नेपाल सरकार की ओर से धन्यवाद जताते हुए कहा कि internacionales समुदाय का समर्थन इस संकट से uscire में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। विदेश मंत्री ने आगे कहा कि बचाव कार्य के साथ‑साथ लंबी अवधि के पुनर्निर्माण की योजना भी बनाई जा रही है। उन्होंने बताया कि जलाशयों के प्रबंधन, बाढ़ चेतावनी प्रणाली को मजबूत करने और क्षतिग्रस्त बुनियादी ढाँचे को फिर से बनाने पर जोर दिया जाएगा। बैठक के अंत में सभी प्रतिनिधियों ने एक संयुक्त बयान जारी करने पर सहमति जताई, जिसमें तत्काल राहत, जन सुरक्षा तथा भविष्य के लिए प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के उपायों पर जोर दिया गया। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

संबंधित