लाइव
टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।
विश्व

नेपाल सुरंग हादसा: 17 दिन बाद जिंदा निकला मजदूर महाराजन, परिवार बोला- चमत्कार हुआ

3/9/2026, 9:42:31 pm
नेपाल सुरंग हादसा: 17 दिन बाद जिंदा निकला मजदूर महाराजन, परिवार बोला- चमत्कार हुआ
Original publisher image
नेपाल के धादिंग जिले में त्रिशूली गलियारे की निर्माणाधीन सुरंग में 17 दिन से फंसे मजदूर राम बहादुर महाराजन को रविवार शाम सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। बचाव दल ने जब उन्हें स्ट्रेचर पर लाकर एंबुलेंस में डाला, तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम थीं। महाराजन के भाई श्याम बहादुर ने रोते हुए कहा, "हमने तो उम्मीद ही छोड़ दी थी। यह किसी चमत्कार से कम नहीं।" सुरंग का एक हिस्सा 18 अगस्त को ढह गया था। हादसे में तीन मजदूर दब गए थे। दो के शव पहले ही मिल चुके थे। महाराजन अकेले जिंदा बचे। वे सुरंग के अंदर एक छोटी सी जगह में फंसे थे, जहां हवा और पानी की थोड़ी व्यवस्था थी। उन्होंने चट्टानों से रिसता पानी पीकर और अपने पास रखे बिस्कुट खाकर खुद को जिंदा रखा। बचाव अभियान में नेपाली सेना, सशस्त्र पुलिस, नेपाल पुलिस और स्थानीय स्वयंसेवक लगे थे। भारी बारिश और भूस्खलन के चलते काम बार-बार रुकता रहा। ड्रिलिंग मशीनें भी खराब हुईं। फिर भी टीम ने हार नहीं मानी। अंतिम 48 घंटे में हाथ से खुदाई कर रास्ता बनाया गया। महाराजन को धादिंग के जिला अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों के मुताबिक उनकी हालत स्थिर है। डिहाइड्रेशन और कमजोरी के अलावा कोई गंभीर चोट नहीं। मनोवैज्ञानिक सहायता भी दी जा रही है। परिवार के लोग अस्पताल के बाहर जमा हैं। मां सीता देवी बार-बार भगवान को धन्यवाद दे रही हैं। पत्नी जानुका कहती हैं, "बच्चे रोज पूछते थे- पापा कब आएंगे? आज जवाब मिल गया।" नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने बचाव दल को बधाई दी। उन्होंने कहा, "यह साहस और धैर्य की जीत है।" श्रम मंत्रालय ने हादसे की जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही सभी निर्माणाधीन सुरंगों में सुरक्षा मानकों की समीक्षा शुरू कर दी गई है। समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

संबंधित