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पश्चिम चंपारण में शिक्षासेवकों की नई जिला कार्यकारिणी बनी

9/9/2026, 1:41:00 am
पश्चिम चंपारण में शिक्षासेवकों की नई जिला कार्यकारिणी बनी
पश्चिम चंपारण में शिक्षासेवकों की नई जिला कार्यकारिणी का गठन शनिवार को जिला मुख्यालय में हुआ। बैठक की अध्यक्षता जिला शिक्षा पदाधिकारी राजेश कुमार ने की और इसमें सभी प्रखंडों के प्रतिनिधि मौजूद थे। सर्वसम्मति से रामकुमार सिंह को जिलाध्यक्ष, सुनीता देवी को महासचिव और मोहन लाल को कोषाध्यक्ष चुना गया। उपाध्यक्ष के रूप में अरविंद कुमार और सह-सचिव के रूप में पूनम कुमारी को जिम्मेदारी दी गई। नई कार्यकारिणी ने तय किया कि अगले छह महीने में स्कूल नामांकन अभियान, शिक्षक प्रशिक्षण शिविर और ग्रामीण पुस्तकालयों का विस्तार किया जाएगा। जिलाध्यक्ष रामकुमार सिंह ने कहा कि हमारा लक्ष्य हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना है। महासचिव सुनीता देवी ने बताया कि प्रखंड स्तर पर नियमित बैठकें आयोजित की जाएंगी ताकि समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके। कोषाध्यक्ष मोहन लाल ने बजट योजना प्रस्तुत की जिसमें सरकारी अनुदान के साथ-साथ स्थानीय दानदाताओं से सहयोग लेने की बात कही गई। बैठक के अंत में सभी सदस्यों ने एकमत से प्रस्ताव पारित किया कि जिला प्रशासन के साथ मिलकर विद्यालय भवनों की मरम्मत और पेयजल सुविधा सुनिश्चित की जाएगी। इस पहल से पश्चिम चंपारण के ग्रामीण इलाकों में शिक्षा के स्तर में सुधार की उम्मीद बढ़ी है। शिक्षासेवक संगठन पिछले तीन वर्षों से जिले में बालिका शिक्षा, प्रौढ़ शिक्षा और कौशल विकास कार्यक्रम चला रहा है। पिछली कार्यकारिणी के कार्यकाल में 12 हजार से अधिक बच्चों को स्कूल से जोड़ा गया था, लेकिन संसाधनों की कमी के कारण कई योजनाएं अधूरी रह गईं। जिला शिक्षा पदाधिकारी राजेश कुमार ने नई टीम को बधाई देते हुए कहा कि प्रशासन पूरा सहयोग देगा, विशेषकर डिजिटल कक्षाओं और स्मार्ट बोर्ड की आपूर्ति में। नई कार्यकारिणी ने एनजीओ 'शिक्षा सेतु' और अभिभावक-शिक्षक संघ के प्रतिनिधियों को भी सदस्य बनाया है, जिससे समन्वय बेहतर होगा। आगामी महीने में प्रत्येक प्रखंड में 'शिक्षा चौपाल' आयोजित की जाएगी जहां ग्रामीण अपनी समस्याएं सीधे पदाधिकारियों को बता सकेंगे। इसके अलावा, मोबाइल लाइब्रेरी वैन के माध्यम से दूरस्थ गांवों तक किताबें पहुंचाने की योजना भी तैयार की गई है। सदस्यों ने यह भी तय किया कि हर तिमाही में प्रगति रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपी जाएगी, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। समाचार स्रोत: Google News — Champaran (Hindi)
समाचार स्रोत: Google News — Champaran (Hindi)

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