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भारत

एनआईए की विशेष अदालत ने झारखंड में टीपीसी टेरर फंडिंग मामले में 12 दोषियों को 5‑10 साल की सजा सुनाई

18/8/2026, 4:21:55 am
एनआईए की विशेष अदालत ने झारखंड में टीपीसी टेरर फंडिंग मामले में 12 दोषियों को 5‑10 साल की सजा सुनाई
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राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की विशेष अदालत ने झारखंड में तृतीय प्रस्तुति कमेटी (टीपीसी) के आतंकी फंडिंग और जबरन वसूली मामले में 12 दोषियों को पांच से दस साल की कैद सुनाई। अदालत ने हर दोषी पर जुर्माना भी लगाया और कहा कि आतंकी गतिविधियों के लिए पैसा जुटाना देश की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है। मामला 2018 से 2020 के बीच का है जब टीपीसी के सदस्यों ने कोयला खदानों और सड़क निर्माण परियोजनाओं से अवैध वसूली की। एनआईए ने जांच के दौरान बैंक खाते, फोन रिकॉर्ड और गवाहों के बयान जुटाए जिससे धन का रास्ता सामने आया। सजा पाने वालों में संगठन के शीर्ष नेता, कोषाध्यक्ष और स्थानीय एजेंट शामिल हैं। अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी, 384, 386 और गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम 1967 की धारा 13, 16, 18 के तहत आरोप सिद्ध किए। जांच में एनआईए ने 12 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी, बैंक खाते और अचल संपत्ति जब्त की, जिससे आतंकी फंडिंग का आर्थिक आधार कमजोर हुआ। गवाहों की सुरक्षा के लिए विशेष सुरक्षा दल तैनात किए गए थे क्योंकि कई गवाहों को धमकियां मिल रही थीं। मुख्यमंत्री ने फैसले को कानून के शासन की जीत बताया और कहा कि राज्य में आतंकी वित्तपोषण को जड़ से उखाड़ा जाएगा। एनआईए के निदेशक ने बताया कि आगे भी झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ में सक्रिय उग्रवादी समूहों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। विशेषज्ञ मानते हैं कि इस फैसले से अन्य उग्रवादी समूहों को कड़ा संदेश जाएगा और अवैध वसूली पर लगाम लगेगी। यह फैसला रांची स्थित विशेष अदालत ने सुनाया जहां सुनवाई करीब तीन साल चली। अदालत ने दोषियों को अपील के लिए 30 दिन का समय दिया है। स्थानीय व्यवसायियों ने फैसले का स्वागत किया और कहा कि अब वे बिना डर के काम कर सकेंगे। एनआईए ने बताया कि इस मामले के अलावा टीपीसी से जुड़े 20 अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है। जांच एजेंसी ने कहा कि जब्त संपत्ति को सरकारी खजाने में जमा कराया जाएगा ताकि पीड़ितों को मुआवजा मिल सके। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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