लाइव
टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।
विश्व

उत्तर कोरिया का मिसाइल परीक्षण, जापान में अलर्ट; पीएम ताकाइची ने दिए चौकन्ना रहने के आदेश

19/9/2026, 9:59:34 pm
उत्तर कोरिया का मिसाइल परीक्षण, जापान में अलर्ट; पीएम ताकाइची ने दिए चौकन्ना रहने के आदेश
Original publisher image
उत्तर कोरिया ने रविवार तड़के एक बैलिस्टिक मिसाइल दागकर पूर्वोत्तर एशिया में तनाव फिर बढ़ा दिया। मिसाइल पूर्वी तट से छोड़ी गई और जापान सागर में गिरी। जापान सरकार ने तत्काल अलर्ट जारी किया और ओकिनावा समेत कई क्षेत्रों में निवासियों को इमारतों के अंदर जाने या भूमिगत ठिकानों में शरण लेने की चेतावनी दी। प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निगरानी तंत्र को पूरी तरह सक्रिय रखें और किसी भी आकस्मिक स्थिति के लिए तैयार रहें। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि मिसाइल की अधिकतम ऊंचाई लगभग 100 किलोमीटर रही और इसने करीब 600 किलोमीटर की दूरी तय की। यह जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र के बाहर गिरी, इसलिए किसी जहाज या विमान को नुकसान नहीं हुआ। दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ ने भी प्रक्षेपण की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि यह कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल प्रतीत होती है। अमेरिका के इंडो-पैसिफिक कमांड ने घटना पर नजर रखने और सहयोगियों के साथ समन्वय की बात कही। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1718 और 2270 के तहत उत्तर कोरिया पर बैलिस्टिक मिसाइल तकनीक के किसी भी उपयोग पर रोक है। यह सितंबर महीने में उत्तर कोरिया का तीसरा मिसाइल परीक्षण है। इससे पहले 5 और 12 सितंबर को भी मिसाइलें दागी गई थीं। विश्लेषकों का मानना है कि प्योंगयांग अपनी सामरिक क्षमता दिखाकर वार्ता की मेज पर दबाव बनाना चाहता है। किम जोंग उन ने इस साल जनवरी में कहा था कि दक्षिण कोरिया अब शत्रु देश है और परमाणु हथियारों का विकास जारी रहेगा। जापान ने अपने मिसाइल रक्षा कवच को सक्रिय कर दिया है। पीएसी-3 पैट्रियट बैटरियों और एजिस-लैस विध्वंसक पोतों को तैनात किया गया है। कुछ समय के लिए होक्काइडो और टोहोकू क्षेत्र में शिंकानसेन बुलेट ट्रेनें रोकी गईं। स्कूलों और सरकारी दफ्तरों में भी एहतियाती उपाय किए गए। अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया में जी-7 देशों के विदेश मंत्रियों ने संयुक्त बयान जारी कर उत्तर कोरिया से उकसावे बंद करने को कहा। चीन और रूस ने सभी पक्षों से संयम की अपील की लेकिन नए प्रतिबंधों का विरोध किया। भारत ने विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के जरिए शांति और कूटनीतिक समाधान की वकालत की। भारत का रुख रहा है कि कोरियाई प्रायद्वीप का परमाणु निरस्त्रीकरण बातचीत से ही हासिल हो सकता है। समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

संबंधित