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नोवो नॉर्डिस्क ने भारत में साप्ताहिक इंसुलिन ‘एविक्ली’ लॉन्च किया

21/8/2026, 8:14:11 am
नोवो नॉर्डिस्क ने भारत में साप्ताहिक इंसुलिन ‘एविक्ली’ लॉन्च किया
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डेनमार्क की दवा कंपनी नोवो नॉर्डिस्क ने 9 जुलाई को भारत में ‘एविक्ली’ नाम का साप्ताहिक इंसुलिन इंजेक्शन पेश किया। यह इंजेक्शन रोज़ाना लगाने की जगह हफ्ते में एक बार लगाना काफ़ी होगा। एविक्ली एक बेसल इंसुलिन है जो टाइप‑2 मधुमेह के उन मरीज़ों के लिए डिज़ाइन किया गया है जो अभी रोज़ाना लंबे समय तक काम करने वाला इंसुलिन ले रहे हैं। क्लिनिकल ट्रायल में देखा गया कि हफ्ते में एक खुराक से रक्त शर्करा का नियंत्रण रोज़ाना खुराक के बराबर रहता है। डॉक्टरों का कहना है कि साप्ताहिक खुराक से मरीज़ों की दिनचर्या आसान होती है और इंजेक्शन की संख्या घटने से दर्द और त्वचा की समस्याएं कम होती हैं। हालांकि, हर मरीज़ के लिए यह उपयुक्त नहीं है; टाइप‑1 मधुमेह या तेज़ी से बदलती शर्करा वाले लोगों को डॉक्टर की सलाह पर ही बदलाव करना चाहिए। नोवो नॉर्डिस्क ने भारत में एविक्ली की कीमत अभी घोषित नहीं की है, लेकिन कंपनी ने कहा कि इसे सरकारी अस्पतालों और निजी फार्मेसी दोनों में उपलब्ध कराया जाएगा। मरीज़ अपने डायबिटीज विशेषज्ञ से मिलकर खुराक और समय तय कर सकते हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि साप्ताहिक इंसुलिन का आना भारत में मधुमेह प्रबंधन की दिशा में एक बड़ा कदम है, बशर्ते इसकी पहुंच और कीमत आम मरीज़ के लिए सहज हो। आने वाले महीनों में इसके असर की निगरानी जारी रहेगी। भारत में करीब 7.5 करोड़ लोग मधुमेह से पीड़ित हैं और उनमें से बड़ा हिस्सा रोज़ाना इंसुलिन लेता है। रोज़ाना सुई लगाने से कई मरीज़ इलाज छोड़ देते हैं या खुराक भूल जाते हैं। साप्ताहिक इंजेक्शन इस समस्या को काफी हद तक कम कर सकता है। नोवो नॉर्डिस्क ने एविक्ली के लिए भारतीय दवा नियामक CDSCO से मंजूरी ली है और अब उत्पादन स्थानीय प्लांट में शुरू होगा। कंपनी का दावा है कि इससे आपूर्ति श्रृंखला मजबूत होगी और कीमतें प्रतिस्पर्धी रहेंगी। डॉ. अनुपम शर्मा, एंडोक्राइनोलॉजिस्ट, दिल्ली के एक प्रमुख अस्पताल में कहते हैं, “साप्ताहिक इंसुलिन से मरीज़ों की अनुपालन क्षमता बढ़ेगी, लेकिन खुराक बदलने से पहले ग्लूकोज मॉनिटरिंग जरूरी है।” सरकार की आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीब मरीज़ों को इंसुलिन मुफ्त मिलता है, लेकिन साप्ताहिक संस्करण अभी उस सूची में नहीं है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि वह जल्द ही इसकी समीक्षा करेगा ताकि अधिक लोग लाभ उठा सकें। आने वाले महीनों में अस्पताल और क्लिनिक एविक्ली का वास्तविक दुनिया में प्रदर्शन देखेंगे। यदि नतीजे सकारात्मक रहते हैं, तो यह इंसुलिन उपचार का नया मानक बन सकता है। समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया
समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया

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