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परमाणु संयंत्रों के लिए नए नियम: एक लाइसेंस, बीमा अनिवार्य, विदेशी तकनीक पर सख्त शर्तें

14/8/2026, 10:03:34 pm
परमाणु संयंत्रों के लिए नए नियम: एक लाइसेंस, बीमा अनिवार्य, विदेशी तकनीक पर सख्त शर्तें
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केंद्र सरकार ने परमाणु संयंत्रों के संचालन को लेकर नए मसौदा नियम जारी किए हैं। शांति अधिनियम (शांति अधिनियम) के तहत जारी इस मसौदे का मकसद परमाणु सुरक्षा और जवाबदेही को पुख्ता करना है। नए मसौदे के मुताबिक अब एक ही लाइसेंस से परमाणु संयंत्र का निर्माण, चालू करना और चलाना मुमकिन होगा। अभी तक अलग-अलग चरणों के लिए अलग-अलग मंजूरियां लेनी पड़ती थीं। सबसे अहम बदलाव ऑपरेटरों की जिम्मेदारी तय करना है। नए नियमों के तहत परमाणु संयंत्र चलाने वाली कंपनी के लिए बीमा लेना अनिवार्य कर दिया गया है। किसी हादसे की सूरत में नुकसान की भरपाई की जिम्मेदारी ऑपरेटर की होगी। बीमा रकम कितनी होगी, इसका खाका अलग से तय किया जाएगा। जानकार मानते हैं कि इससे हादसे की सूरत में पीड़ितों को मुआवजा मिलने की राह आसान होगी। विदेशी तकनीक या डिजाइन पर आधारित संयंत्रों के लिए शर्तें कड़ी की गई हैं। मसौदे के मुताबिक विदेशी डिजाइन वाले संयंत्र के लिए लाइसेंस तभी मिलेगा जब उस तकनीक का इस्तेमाल करने वाले देश में उस डिजाइन के संयंत्र सुरक्षित चल रहे हों। साथ ही, विदेशी सप्लायर को भारतीय नियम-कायदों के तहत जवाबदेह बनाया जाएगा। परमाणु ऊर्जा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नए नियम प्रक्रिया को आसान बनाएंगे और पारदर्शिता बढ़ाएंगे। एकल लाइसेंस व्यवस्था से लालफीताशाही कम होगी और प्रोजेक्ट समय पर पूरे होंगे। उधर, परमाणु विशेषज्ञों का एक तबका मानता है कि विदेशी तकनीक पर शर्तें कड़ी होने से कुछ अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट में देरी हो सकती है। मसौदे पर आम लोगों और हितधारकों से राय मांगी गई है। सुझाव मिलने के बाद अंतिम नियम अधिसूचित किए जाएंगे। सरकार का जोर है कि परमाणु ऊर्जा क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ सुरक्षा के पैमाने भी विश्वस्तरीय रहें। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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