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भारत

उमर अब्दुल्ला ने 1947 की लड़ाई में स्थानीय साहस को सराहा, PoJK पर भी बोले

15/8/2026, 2:29:45 am
उमर अब्दुल्ला ने 1947 की लड़ाई में स्थानीय साहस को सराहा, PoJK पर भी बोले
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श्रीनगर में 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ऐतिहासिक तथ्यों को सामने रखा। उन्होंने कहा कि 1947 में जब पाकिस्तानी फौज और कबायली हमलावर जम्मू‑कश्मीर पर चढ़ाई कर रहे थे, तब भारतीय सेना के पहुँचने से पहले ही स्थानीय नागरिकों ने मोर्चा संभाला था। उमर ने इस बात पर जोर दिया कि उस वक्त कश्मीरी अवाम ने अपनी जान पर खेल कर इलाके की रक्षा की थी। मुख्यमंत्री ने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू‑कश्मीर (PoJK) का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि PoJK के लोग आज भी भारतीय संविधान के तहत अपने अधिकारों की उम्मीद रखते हैं। उमर ने स्पष्ट किया कि भारत की नीति हमेशा शांतिपूर्ण समाधान और बातचीत पर आधारित रही है, लेकिन ऐतिहासिक सच्चाई को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे इतिहास को पढ़ें, समझें और देश की एकता को मजबूत करने में योगदान दें। उमर ने कहा कि कश्मीर की पहचान उसकी विविधता और सहनशीलता में है, जिसे किसी भी बाहरी ताकत से नहीं तोड़ा जा सकता। समारोह में मौजूद सुरक्षा बलों, प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय नागरिकों ने मुख्यमंत्री के भाषण की सराहना की। कई लोगों ने कहा कि ऐसे बयान से नई पीढ़ी को सही तथ्य पता चलते हैं और राष्ट्रभक्ति की भावना मजबूत होती है। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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