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सावन के अंतिम सोमवार पर ओंकारेश्वर में भव्य महासवारी, चांदी की पालकी में विराजे भगवान

24/8/2026, 12:31:02 am
सावन के अंतिम सोमवार पर ओंकारेश्वर में भव्य महासवारी, चांदी की पालकी में विराजे भगवान
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सावन के अंतिम सोमवार को मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में भव्य महासवारी निकाली गई। भगवान ओंकारेश्वर चांदी की पालकी में विराजमान होकर नगर भ्रमण पर निकले और करीब दस घंटे तक यात्रा चली। सुबह से ही मंदिर परिसर में हजारों श्रद्धालु जुटने लगे थे। पुजारियों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद चल प्रतिमा को पालकी में स्थापित किया। पालकी का वजन करीब दो सौ किलोग्राम था और इसे बारह भक्तों ने मिलकर उठाया। ढोल-नगाड़ों और शंखनाद के साथ महासवारी मंदिर से बाहर निकली और रास्ते भर भजन-कीर्तन चलता रहा। श्रद्धालु फूल बरसाते रहे और जयकारे लगाते रहे। सबसे खास पड़ाव ममलेश्वर मंदिर के सामने रहा जहां भगवान ओंकारेश्वर और भगवान ममलेश्वर का विशेष मिलन हुआ। दोनों मंदिरों के पुजारियों ने संयुक्त आरती की और मान्यता है कि ये दोनों ज्योतिर्लिंग के दो रूप हैं। इस दृश्य को देखने दूर-दराज से लोग पहुंचे थे। यात्रा नगर के मुख्य बाजार, घाट और स्कूल मार्ग से गुजरी। प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए, ड्रोन से निगरानी रखी गई और जगह-जगह पुलिस बल तैनात रहा। श्रद्धालुओं के लिए पेयजल और चिकित्सा शिविर लगाए गए और यात्रा मार्ग पर स्वागत द्वार बनाए गए। स्थानीय व्यापारियों ने प्रसाद वितरण किया। महासवारी शाम को वापस ओंकारेश्वर मंदिर पहुंचकर संपन्न हुई और मंदिर ट्रस्ट ने बताया कि इस बार श्रद्धालुओं की संख्या पिछले साल से अधिक रही। मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष ने कहा कि अगले वर्ष और भव्य आयोजन होगा। सावन महीने भर चले धार्मिक आयोजनों का यह समापन था। समाचार स्रोत: अमर उजाला — क्रिकेट
समाचार स्रोत: अमर उजाला — क्रिकेट

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