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33 साल की उम्र में टेस्ट डेब्यू: सारांश जैन की भावुक यात्रा

23/8/2026, 6:04:58 am
33 साल की उम्र में टेस्ट डेब्यू: सारांश जैन की भावुक यात्रा
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कोलंबो में श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच में सारांश जैन ने 33 साल 145 दिन की उम्र में भारत के लिए अपना पहला टेस्ट खेला। इस उम्र में डेब्यू करने वाले वह 1999 के बाद सबसे उम्रदराज भारतीय खिलाड़ी बन गए। सारांश का क्रिकेट सफर साधारण नहीं रहा; उन्होंने घरेलू क्रिकेट में लंबे समय तक संघर्ष किया और लगातार प्रदर्शन से चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा। उनके पिता ने जब सारांश केवल 22 साल के थे, तो एक हाथ लिखित चिट्ठी भेजी थी। उस चिट्ठी में पिता ने धैर्य, मेहनत और कभी न हारने की भावना भरी थी। सारांश ने उस चिट्ठी को हमेशा अपने पास रखा और मुश्किल समय में उसे पढ़कर ताकत हासिल की। पिता के शब्दों ने उन्हें निराशा के दौर में भी चलते रहने की प्रेरणा दी। घरेलू क्रिकेट में सारांश ने रणजी ट्रॉफी और विजय हजारे ट्रॉफी में लगातार रन बनाए और विकेट लिए। उन्होंने 45 रणजी मैचों में 2,300 से अधिक रन बनाए जबकि 120 विकेट भी झटके। इस ऑलराउंड प्रदर्शन ने राष्ट्रीय चयनकर्ताओं को प्रभावित किया और अंत में टेस्ट टीम में जगह बनाने का अवसर मिला। कोलंबो में डेब्यू पर सारांश ने शांत मन से बल्लेबाजी की और उपयोगी साझेदारी निभाई। मैच के बाद उन्होंने कहा, "यह क्षण मेरे पिता की चिट्ठी का परिणाम है। उनके शब्दों ने मुझे हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।" इस बयान से स्पष्ट होता है कि familial समर्थन और व्यक्तिगत धैर्य ने उनके सपने को साकार किया। सारांश के डेब्यू ने भारतीय क्रिकेट में उम्र को बाधा नहीं माना जाने का एक नया संदेश दिया। पहले 33 साल से अधिक उम्र में टेस्ट डेब्यू करने वाले खिलाड़ियों में मोहिंदर अमरनाथ, वेंकटेश प्रसाद और अनिल कुंबले जैसे नाम शामिल हैं। सारांश की कहानी युवा क्रिकेटरों को बताती है कि देरी से अवसर मिलने पर भी निराश नहीं होना चाहिए। समाचार स्रोत: अमर उजाला — क्रिकेट
समाचार स्रोत: अमर उजाला — क्रिकेट

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