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पाकिस्तान में 100 साल पुराने हिन्दू मंदिर को मदरसा के लिए ढहाया, अल्पसंख्यकों का विरोध

1/9/2026, 1:47:04 am
पाकिस्तान में 100 साल पुराने हिन्दू मंदिर को मदरसा के लिए ढहाया, अल्पसंख्यकों का विरोध
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पाकिस्तान के सिंध प्रांत के थारपरकर जिले में स्थित एक सौ साल पुराने हिन्दू मंदिर को स्थानीय प्रशासन ने मदरसा बनाने के लिए ढहा दिया। अधिकारियों का दावा है कि मंदिर की जमीन सरकारी रिकॉर्ड में मदरसे के नाम पर दर्ज थी, इसलिए ध्वस्तीकरण को कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा माना गया। मंदिर का निर्माण 1920 के दशक में हुआ था और यह इलाके के हिन्दू समुदाय का प्रमुख पूजा स्थल था, जहां हर साल मेला लगता था। ध्वस्तीकरण की खबर फैलते ही सैकड़ों हिन्दू नागरिक, स्थानीय नेता और मानवाधिकार कार्यकर्ता मौके पर जमा हो गए और शांतिपूर्ण प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने मंदिर के पुनर्निर्माण, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई और पुरातत्व विभाग के संरक्षित स्मारक सूची में मंदिर को शामिल करने की मांग रखी। पुरातत्व विभाग के रिकॉर्ड में मंदिर को ऐतिहासिक धरोहर के रूप में दर्ज बताया गया है, जिसके अनुसार किसी भी निर्माण से पहले विभाग की अनुमति अनिवार्य है। अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता निगरानी संस्थाओं और कई गैर‑सरकारी संगठनों ने घटना की कड़ी निंदा की और पाकिस्तान सरकार से स्वतंत्र जांच कराने की अपील की। प्रशासन ने बाद में बयान जारी कर कहा कि वह मामले की जांच करेगा और यदि प्रक्रिया में कोई चूक पाई गई तो सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। इस घटना ने पाकिस्तान में अल्पसंख्यक अधिकारों, धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और कानूनी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर फिर से सवाल खड़े किए हैं। समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

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