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कोलकाता से चल रहा था पाकिस्तानी जासूसी नेटवर्क, एसटीएफ ने राणा रऊफ के सहयोगी को पकड़ा

16/8/2026, 8:28:37 pm
कोलकाता से चल रहा था पाकिस्तानी जासूसी नेटवर्क, एसटीएफ ने राणा रऊफ के सहयोगी को पकड़ा
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पश्चिम बंगाल की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने रविवार सुबह कोलकाता के न्यू टाउन इलाके में एक आवासीय परिसर पर छापा मारकर पाकिस्तानी जासूसी नेटवर्क का बड़ा खुलासा किया। अधिकारियों के मुताबिक यह नेटवर्क पिछले कई महीनों से कोलकाता से संचालित हो रहा था और इसके तार सीधे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े थे। नेटवर्क का मुख्य उद्देश्य भारतीय सेना की तैनाती, सीमा सुरक्षा उपकरण और रणनीतिक संचार जानकारी हासिल करना था। छापे में एसटीएफ ने राणा रऊफ के करीबी सहयोगी मोहम्मद सलीम को गिरफ्तार किया। सलीम पर आरोप है कि वह संवेदनशील सैन्य जानकारी, सीमा चौकियों की तैनाती और ड्रोन निगरानी विवरण पाकिस्तान भेजता था। वह फर्जी पहचान पत्र और सिम कार्ड का इस्तेमाल कर गुप्त संचार करता था। गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ ने उसके पास से कई मोबाइल फोन, लैपटॉप, पेन ड्राइव और एन्क्रिप्टेड चैट रिकॉर्ड बरामद किए। इन सामानों की फोरेंसिक जांच से नेटवर्क के अन्य सदस्यों, फंडिंग स्रोत और संचार मार्गों की पहचान होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि राज्य की सुरक्षा एजेंसियां किसी भी विदेशी साजिश को नाकाम करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने एसटीएफ की त्वरित कार्रवाई की सराहना की और कहा कि ऐसी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस सूत्रों ने बताया कि जांच अभी जारी है और जल्द ही नेटवर्क के अन्य आरोपियों को भी पकड़ा जा सकता है। एसटीएफ ने संबंधित केंद्रीय एजेंसियों के साथ जानकारी साझा की है ताकि पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हो सके। राणा रऊफ पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई का एक जाना‑माना ऑपरेटिव है जिसे पहले भी भारतीय एजेंसियों ने कई बार निशाना बनाया है। उसके नाम पर कई फर्जी कंपनियों और चैरिटी संगठनों के माध्यम से धन शोधन के आरोप लगे हैं। एसटीएफ के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस ऑपरेशन में लोकल इंटेलिजेंस यूनिट, साइबर सेल और केंद्रीय खुफिया ब्यूरो की टीमों ने संयुक्त रूप से काम किया। ऑपरेशन की योजना कई सप्ताह की निगरानी और तकनीकी विश्लेषण के बाद तैयार की गई थी। गिरफ्तार सलीम को कोलकाता की विशेष अदालत में पेश किया गया जहां उसे 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। अदालत ने जांच एजेंसियों को डिजिटल सबूतों की गहन पड़ताल के लिए अतिरिक्त समय दिया है। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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