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पश्चिम चंपारण के 57 गांवों का डिजिटल नक्शा और खातियान तैयार

20/9/2026, 4:40:00 am
पश्चिम चंपारण के 57 गांवों का डिजिटल नक्शा और खातियान तैयार
पश्चिम चंपारण जिले में राजस्व विभाग ने एक विशेष सर्वेक्षण पूरा किया है। इस अभियान में 57 गांवों का नक्शा और खातियान तैयार किया गया है। जिलाधिकारी ने बताया कि सर्वेक्षण में आधुनिक GPS उपकरण और ड्रोन कैमरे का उपयोग किया गया। इससे जमीन की सीमाएं सटीकता से दर्ज हुई हैं। हर गांव की सीमा, खेत, सड़क, नहर और जल स्रोत को डिजिटल मानचित्र पर चिह्नित किया गया है। डेटा को राज्य के भूमि पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। नए खातियान से किसानों को अपनी जमीन का प्रमाणित रिकॉर्ड मिलेगा। इससे बैंक ऋण, फसल बीमा और सरकारी सब्सिडी लेने में आसानी होगी। पहले कई गांवों में पुराने कागजी नक्शे गुम हो चुके थे। इससे जमीन विवाद और अवैध कब्जे बढ़ रहे थे। नया सर्वेक्षण इस समस्या को दूर करेगा। स्थानीय पटवारियों ने सर्वेक्षण टीम के साथ मिलकर हर खेत का माप लिया। उन्होंने ग्रामीणों को प्रक्रिया समझाई और शिकायतें दर्ज कीं। ग्रामीणों ने इस पहल का स्वागत किया। एक किसान ने कहा, “अब हमारी जमीन का सही हिसाब मिलेगा, कोई धोखा नहीं हो सकेगा।” अधिकारियों ने बताया कि अगले चरण में बाकी 120 गांवों का सर्वेक्षण शुरू होगा। लक्ष्य है कि पूरे जिले का भूमि रिकॉर्ड 2026 तक अपडेट हो जाए। राज्य सरकार ने इस परियोजना के लिए 45 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। धनराशि का उपयोग उपकरण, प्रशिक्षण और डेटा सेंटर बनाने में होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल खातियान से पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार कम होगा। यह कदम बिहार के ग्रामीण विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा। सर्वेक्षण के दौरान ग्राम सभाओं की बैठकें भी आयोजित की गईं। इसमें ग्रामीणों ने अपनी जमीन संबंधी समस्याएं बताईं और सुझाव दिए। तकनीकी टीम ने प्रत्येक गांव का 3D मॉडल तैयार किया। इससे भविष्य में सड़क, नाली और बिजली लाइन की योजना बनाने में मदद मिलेगी। जिला प्रशासन ने एक मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया है। किसान ऐप पर अपना खाता नंबर डालकर जमीन का विवरण देख सकेंगे। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि किसी भी गड़बड़ी पर त्वरित कार्रवाई होगी। शिकायत निवारण के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है। इस पहल से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। समाचार स्रोत: Google News — Champaran (Hindi)
समाचार स्रोत: Google News — Champaran (Hindi)

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