लाइव
टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।
विश्व

पेंटागन के चैटबॉट की गलत रिपोर्ट से अमेरिका‑चीन युद्ध टला

20/9/2026, 5:02:58 am
पेंटागन के चैटबॉट की गलत रिपोर्ट से अमेरिका‑चीन युद्ध टला
Original publisher image
पेंटागन के एक चैटबॉट ने गलत खुफिया रिपोर्ट तैयार की जिसकी वजह से अमेरिकी सेना चीन के एक व्यापारिक जहाज पर हमला करने की तैयारी करने लगी। यह घटना उस वक्त हुई जब ईरान में चल रहा संघर्ष पश्चिम एशिया में पहले से ही तनाव बढ़ा चुका था और कई देश अपनी सेनाओं को हाई अलर्ट पर रखे हुए थे। चैटबॉट ने जहाज को परमाणु हथियार ले जाने वाला खतरा बताते हुए तुरंत सैन्य कार्रवाई की सिफारिश कर दी। अमेरिकी कमांडरों ने रिपोर्ट पर भरोसा करते हुए तैनाती के आदेश जारी कर दिए और नौसेना के लड़ाकू विमानों को तैयार रहने को कहा। कुछ घंटे बाद विश्लेषकों ने डेटा की दोबारा जांच की और पाया कि सूचना पूरी तरह गलत थी। गलती का कारण चैटबॉट के प्रशिक्षण डेटा में पुरानी और असत्यापित जानकारी का होना था जिसने सामान्य मालवाहक जहाज को सैन्य परमाणु वाहक मान लिया। पेंटागन ने तुरंत आदेश वापस लिए, जांच के आदेश दिए और संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा। चीन ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की और अमेरिका से आधिकारिक स्पष्टीकरण के साथ भरोसा बहाल करने की मांग की। दोनों पक्षों ने तनाव कम करने के लिए उच्च स्तरीय बातचीत शुरू की और भविष्य में ऐसी गलती न हो इसके लिए संयुक्त निगरानी तंत्र बनाने पर सहमति जताई। विशेषज्ञों का कहना है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित खुफिया प्रणालियों में मानवीय निगरानी और पारदर्शी ऑडिट अनिवार्य हैं। इस घटना ने विश्व स्तर पर AI सुरक्षा, सैन्य उपयोग और अंतरराष्ट्रीय भरोसे पर नई बहस छेड़ दी है। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि AI टूल्स का इस्तेमाल केवल सहायक के रूप में होगा और अंतिम फैसला मानव अधिकारी ही लेंगे। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इस घटना को AI शस्त्रीकरण के खतरे के रूप में देखा और संयुक्त राष्ट्र से नियम बनाने की मांग की। भारत ने भी इस पर नजर रखी और अपने रक्षा AI कार्यक्रम में मानवीय नियंत्रण को प्राथमिकता देने की बात कही। आने वाले महीनों में पेंटागन नए ऑडिट प्रोटोकॉल लागू करेगा ताकि ऐसी गलती दोबारा न हो। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि तेजी से विकसित हो रहे भाषा मॉडल बिना सख्त जांच के सैन्य फैसलों में घातक साबित हो सकते हैं। समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

संबंधित