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भारत

पीएम मोदी ने जल उत्सव को जन‑आंदोलन बनाने का आह्वान किया, AI और आधुनिक तकनीक पर जोर

2/9/2026, 5:28:07 am
पीएम मोदी ने जल उत्सव को जन‑आंदोलन बनाने का आह्वान किया, AI और आधुनिक तकनीक पर जोर
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को दिल्ली में आयोजित जन‑भागीदारी जल शिखर सम्मेलन में जल उत्सव को जन‑आंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देश की हर बूंद बचाने के लिये आधुनिक तकनीक और जन‑सहभागिता दोनों ज़रूरी हैं। मोदी ने AI आधारित निगरानी प्रणाली, स्मार्ट मीटर और इंटरनेट‑ऑफ‑थिंग्स (IoT) सेंसर लगाने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि रियल‑टाइम डेटा से पाइप लीकेज और अत्यधिक खपत का पता तुरंत लगाया जा सकता है, जिससे समय पर मरम्मत संभव होती है। ग्रामीण क्षेत्रों में वर्षा जल संचय टैंक, चेक डैम और ड्रिप सिंचाई को बढ़ावा देने की योजना पेश की गई। शहरी निकायों से अपील की गई कि वे जल गुणवत्ता की रियल‑टाइम रिपोर्ट सार्वजनिक पोर्टल पर डालें, ताकि नागरिक खुद निगरानी कर सकें। प्रधानमंत्री ने नागरिकों से दैनिक जीवन में पानी का दुरुपयोग रोकने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि नल बंद रखना, टपकते नल ठीक कराना और पुनर्चक्रण अपनाना जैसे छोटे कदम मिलकर बड़ा प्रभाव डालते हैं। सम्मेलन में राज्यों के जल मंत्री, वैज्ञानिक, NGO प्रतिनिधि और उद्योग जगत के प्रमुख शामिल थे। सभी ने एकमत से तकनीक और जन‑भागीदारी को जोड़ने की रणनीति पर सहमति जताई और कार्य योजना तैयार करने का निर्णय लिया। मोदी ने घोषणा की कि अगले वित्त वर्ष में जल संरक्षण योजनाओं के लिये 10 हजार करोड़ रुपये आवंटित किये जायेंगे। यह राशि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में नई परियोजनाओं, पुरानी व्यवस्थाओं के उन्नयन और क्षमता निर्माण में खर्च होगी। उन्होंने यह भी कहा कि जल सुरक्षा केवल सरकार का दायित्व नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है। जन‑आंदोलन के रूप में जल उत्सव मनाने से देशभर में जागरूकता फैलेगी और सामूहिक प्रयास से जल संकट दूर होगा। सम्मेलन के अंत में प्रधानमंत्री ने सभी भागीदारों से अपील की कि वे अपने‑अपने क्षेत्र में तकनीकी समाधान लागू करें और समुदाय को जोड़ें। उन्होंने विश्वास जताया कि सामूहिक संकल्प और आधुनिक विज्ञान मिलकर भारत को जल‑सुरक्षित भविष्य की ओर ले जायेंगे। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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