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भारत

पीएम मोदी ने साझा किया प्रेरणादायक सुभाषित: परंपराओं और ज्ञान को आगे बढ़ाकर करें श्रेष्ठ कर्म

27/8/2026, 4:07:06 am
पीएम मोदी ने साझा किया प्रेरणादायक सुभाषित: परंपराओं और ज्ञान को आगे बढ़ाकर करें श्रेष्ठ कर्म
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 अगस्त 2026 को अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर एक प्राचीन सुभाषित साझा किया। उन्होंने लिखा कि अपनी परंपराओं और ज्ञान को आगे बढ़ाते हुए श्रेष्ठ कर्म करने चाहिए। यह संदेश उन्होंने देशवासियों, खासकर विद्यार्थियों, शिक्षकों और युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा के तौर पर दिया। मोदी ने कहा कि जब हम अपनी जड़ों को याद रखते हुए नए विचारों को अपनाते हैं, तो व्यक्तिगत और सामाजिक विकास दोनों होता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ज्ञान का सही उपयोग तभी संभव है जब वह हमारे मूल्यों से जुड़ा हो। प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि यह विचार भारतीय संस्कृति की मूल भावना के अनुरूप है। उन्होंने तकनीकी प्रगति के साथ‑साथ प्राचीन ग्रंथों, लोक कला और आदर्शों को भी बनाए रखने की बात कही। उदाहरण के तौर पर उन्होंने बताया कि पुराने शास्त्रों में नैतिकता, कर्तव्य और सेवा के सिद्धांत स्पष्ट रूप से दिए गए हैं। इन्हें आधुनिक जीवन में लागू करके बेहतर समाज बनाया जा सकता है। मोदी ने कहा कि विज्ञान और परंपरा एक‑दूसरे के पूरक हो सकते हैं। सुभाषित के अनुसार, ‘अपनी परंपराओं और ज्ञान को आगे बढ़ाते हुए श्रेष्ठ कर्म करने चाहिए’ का अर्थ है कि प्रगति का मतलब पुराने को छोड़ना नहीं, बल्कि उन्हें नए दृष्टिकोण से देखना है। मोदी ने आह्वान किया कि हर व्यक्ति अपने क्षेत्र में इस विचार को अपनाकर राष्ट्र की सेवा में योगदान दे। उन्होंने यह भी कहा कि सामूहिक प्रयास से देश की एकता और अखंडता मजबूत होती है। पोस्ट के अंत में उन्होंने सभी से अनुरोध किया कि इस सुभाषित को घर, स्कूल, कॉलेज और कार्यस्थल पर साझा करें, ताकि अधिक से अधिक लोग इससे प्रेरित हों। कई सोशल मीडिया यूज़र्स ने इस विचार की सराहना की और इसे अपने प्रोफाइल पर रीट्वीट किया। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री का यह संदेश शिक्षा नीति और युवा सशक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। उन्होंने कहा कि पारंपरिक ज्ञान को पाठ्यक्रम में शामिल करने से विद्यार्थियों में नैतिक बोध और राष्ट्रीय गौरव बढ़ेगा। विभिन्न मंत्रालयों ने भी इस पहल का समर्थन किया है। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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