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पीएम मोदी स्वीडन पहुंचे: आठ साल बाद भारत-स्वीडन संबंधों को नई ऊंचाई देने की तैयारी
17/5/2026, 3:14:11 am

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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम पहुंच गए हैं। यह यात्रा उनके बहु-राष्ट्रों के दौरे का तीसरा चरण है। आठ साल के अंतराल के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री का यह स्वीडन दौरा दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों को नई दिशा देने की उम्मीद है।
स्टॉकहोम में, पीएम मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। स्वीडन के अपने दौरे के दौरान, प्रधानमंत्री कई महत्वपूर्ण बैठकों में हिस्सा लेंगे। सबसे खास है स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टरसन के साथ उनकी द्विपक्षीय वार्ता। इस मुलाकात में दोनों देश व्यापार, निवेश, नवाचार, जलवायु परिवर्तन और सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा करेंगे। भारत और स्वीडन के बीच आर्थिक साझेदारी को और मजबूत करने की अपार संभावनाएं हैं।
पीएम मोदी की यात्रा का एक और महत्वपूर्ण पड़ाव वोल्वो (Volvo) के मुख्यालय का दौरा होगा। यह स्वीडिश ऑटोमोबाइल दिग्गज भारत में एक प्रमुख निवेशक है और 'मेक इन इंडिया' पहल में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। इस दौरे से न केवल मौजूदा निवेश को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि भविष्य में नए निवेश के अवसरों के द्वार भी खुलेंगे। वोल्वो का भारत में बढ़ता प्रभाव 'मेक इन इंडिया' जैसे सरकारी कार्यक्रमों की सफलता का एक बड़ा उदाहरण है।
यह दौरा ऐसे समय पर हो रहा है जब दुनिया कई आर्थिक और भू-राजनीतिक चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे में, भारत और स्वीडन जैसी स्थिर लोकतांत्रिक अर्थव्यवस्थाओं के बीच सहयोग को मजबूत करना दोनों देशों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। दोनों देश स्वच्छ ऊर्जा, डिजिटल परिवर्तन और टिकाऊ विकास जैसे क्षेत्रों में भी मिलकर काम कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी का स्वीडन दौरा भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो यूरोपीय देशों के साथ कूटनीतिक और आर्थिक संबंधों को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। आठ साल पहले, 2015 में, प्रधानमंत्री मोदी ने स्वीडन का दौरा किया था। तब से दोनों देशों के बीच संबंध लगातार मजबूत हुए हैं। इस बार की यात्रा इस प्रगति को और आगे ले जाने का अवसर प्रदान करेगी।
भारतीय समुदाय के सदस्यों से मिलने का भी कार्यक्रम है, जो पीएम मोदी की यात्राओं का एक पारंपरिक हिस्सा रहा है। यह विदेश में बसे भारतीयों को देश से जोड़े रखने और उनकी उपलब्धियों को पहचानने का एक मंच प्रदान करता है। कुल मिलाकर, पीएम मोदी की स्वीडन यात्रा भारत-स्वीडन संबंधों के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकती है, जो आने वाले वर्षों में दोनों देशों के बीच साझेदारी को मजबूत करेगी।
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
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