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मानसून सत्र 2026 में राहुल के बयान से गरमाई सियासत

17/8/2026, 6:30:30 am
मानसून सत्र 2026 में राहुल के बयान से गरमाई सियासत
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मानसून सत्र 2026 की शुरुआत में ही संसद का माहौल गरमा गया। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधी टिप्पणी करते हुए कहा कि सरकार जनता की आवाज़ को अनसुना कर रही है। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह पर भी आरोप लगाया कि वे विपक्षी नेताओं को दबाने के लिए जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रहे हैं। राहुल के बयान के बाद सत्ता पक्ष के सांसदों ने तीखी प्रतिक्रिया दी। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि राहुल बिना सबूत के आरोप लगा रहे हैं और संसद की मर्यादा तोड़ रहे हैं। विपक्षी दलों ने राहुल का समर्थन करते हुए कहा कि सरकार जवाबदेही से भाग रही है। सत्र के पहले दिन ही दोनों पक्षों ने अपने-अपने मुद्दे उठाए। कांग्रेस ने महंगाई, बेरोजगारी और किसानों की समस्याओं पर चर्चा की मांग की। वहीं सरकार ने अपनी योजनाओं की प्रगति बताते हुए विपक्ष को आंकड़ों के साथ जवाब दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राहुल की टिप्पणी से कांग्रेस के अंदर भी मतभेद उभरे हैं। कुछ वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि ऐसे बयान पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचा सकते हैं। दूसरी ओर, युवा कार्यकर्ता राहुल के साहस की सराहना कर रहे हैं। संसदीय कार्यवाही के दौरान स्पीकर ने दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद चर्चा का मंच है, आरोप-प्रत्यारोप का नहीं। इसके बावजूद माहौल तनावपूर्ण बना रहा। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि मानसून सत्र का यह आरंभ अगले कुछ हफ्तों में और गरमाएगा। राहुल के बयान ने विपक्ष को एकजुट होने का मौका दिया है, जबकि सत्ता पक्ष इसे अपने पक्ष में भुनाने की कोशिश करेगा। आने वाले दिनों में दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस जारी रहने की संभावना है। जनता की नज़र संसद की कार्यवाही पर टिकी है, क्योंकि यह सत्र कई अहम विधेयकों पर फैसला लेगा। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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