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राजीव गांधी की 82वीं जयंती: तनख़्वाह, सोनिया से मुलाक़ात और विरासत

20/8/2026, 11:33:09 am
राजीव गांधी की 82वीं जयंती: तनख़्वाह, सोनिया से मुलाक़ात और विरासत
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पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 82वीं जयंती पर एक बार फिर उनकी ज़िंदगी के कुछ अनछुए पहलू सामने आए हैं। 20 अगस्त 1944 को जन्मे राजीव ने 1984 में प्रधानमंत्री पद संभाला और 1991 तक देश चलाया। उस दौर में प्रधानमंत्री की तनख़्वाह आज के मुक़ाबले बहुत कम थी। सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक उन्हें महीने के करीब 12 हज़ार रुपये मिलते थे, जिसमें भत्ता और आवास भी शामिल थे। आज यह रक़म मामूली लगती है, लेकिन उस वक़्त यह एक सम्मानजनक वेतन था। राजीव की निजी ज़िंदगी भी कम दिलचस्प नहीं थी। 1965 में वे कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे थे जब उनकी मुलाक़ात सोनिया माइनो से हुई। सोनिया तब एक इतालवी छात्रा थीं और राजीव उनसे पहली नज़र में प्रभावित हुए। दोनों ने 1968 में शादी की और फिर भारत लौट आए। सोनिया ने भारतीय संस्कृति को अपनाया और बाद में कांग्रेस की अध्यक्ष बनीं। राजीव के कार्यकाल में कई बड़े फ़ैसले लिए गए। उन्होंने कंप्यूटर क्रांति की शुरुआत की, टेलीकॉम सेक्टर को खोला और पंचायती राज को मज़बूत किया। लेकिन उनके कार्यकाल में बोफोर्स घोटाला और श्रीलंका में शांति सेना भेजने जैसे विवाद भी जुड़े। उनकी हत्या 21 मई 1991 को श्रीपेरंबदूर में एक आत्मघाती हमले में हुई। आज भी उनकी विरासत पर बहस चलती है। कुछ लोग उन्हें आधुनिक भारत का निर्माता मानते हैं, तो कुछ उनकी नीतियों की आलोचना करते हैं। जयंती पर देश भर में श्रद्धांजलि सभाएँ आयोजित की गईं, जहां नेताओं ने उनके योगदान को याद किया। समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया
समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया

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