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राजनाथ सिंह ने श्रीलंका के राष्ट्रपति से मुलाकात की, दिल‑आत्मा का रिश्ता दोहराया

8/9/2026, 9:31:26 pm
राजनाथ सिंह ने श्रीलंका के राष्ट्रपति से मुलाकात की, दिल‑आत्मा का रिश्ता दोहराया
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को कोलंबो पहुंचकर श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे से मुलाकात की और द्विपक्षीय संबंधों की नई दिशा तय की। बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने रक्षा, व्यापार, ऊर्जा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा की। राजनाथ ने स्पष्ट कहा कि भारत हमेशा श्रीलंका के मुश्किल वक्त में कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहेगा और यह रिश्ता दिल और आत्मा का है। राष्ट्रपति विक्रमसिंघे ने भारत की लगातार मदद के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि दोनों देशों की जनता एक दूसरे के प्रति गहरी सद्भावना रखती है। दोनों पक्षों ने संयुक्त सैन्य अभ्यास, समुद्री सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी उपायों पर सहमति जताई ताकि हिंद महासागर क्षेत्र में शांति बनी रहे। राजनाथ ने श्रीलंका की आर्थिक चुनौतियों को समझते हुए अतिरिक्त वित्तीय सहायता और तकनीकी विशेषज्ञता उपलब्ध कराने का वादा किया। बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में कहा गया कि दोनों देश क्षेत्रीय स्थिरता, नौवहन सुरक्षा और जलवायु परिवर्तन के मुद्दों पर मिलकर काम करेंगे। भारत ने श्रीलंका को बुनियादी ढांचा परियोजनाओं, नवीकरणीय ऊर्जा और डिजिटल ढांचे में निवेश के लिए आमंत्रित किया। दोनों नेताओं ने लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने के लिए सांस्कृतिक उत्सव, शैक्षणिक आदान-प्रदान और पर्यटन को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया। राजनाथ ने कहा कि यह मुलाकात दोनों देशों के बीच विश्वास को और मजबूत करेगी और भविष्य में उच्च स्तरीय दौरों की रूपरेखा तैयार करेगी। आने वाले महीनों में विदेश मंत्री, रक्षा सचिव और वरिष्ठ अधिकारियों के दौरे तय किए जाएंगे ताकि सहयोग की गति बनी रहे। दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद रक्षा समझौतों को अद्यतन करने और नए समझौते पर हस्ताक्षर करने की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। राजनाथ ने श्रीलंका के युवाओं के लिए कौशल विकास कार्यक्रम और छात्रवृत्ति योजनाएं बढ़ाने का भी आश्वासन दिया। दोनों नेताओं ने जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए संयुक्त अनुसंधान और हरित ऊर्जा परियोजनाओं पर भी सहमति जताई। इस बैठक के बाद दोनों देशों के विदेश मंत्रालयों ने एक संयुक्त कार्य योजना तैयार करने का निर्णय लिया ताकि सहयोग की निगरानी हो सके। राजनाथ ने श्रीलंका के विकास लक्ष्यों को पूरा करने में भारत की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया और भविष्य में भी सतत सहयोग का वादा किया। समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

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