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आरएसएस ने जनगणना में धार्मिक डेटा जुटाने की पद्धति पर सहमति जताई

21/8/2026, 12:10:13 am
आरएसएस ने जनगणना में धार्मिक डेटा जुटाने की पद्धति पर सहमति जताई
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने जनगणना में धार्मिक आंकड़े जुटाने के मौजूदा तरीके पर सहमति जताई है। संघ की समन्वय समिति की बैठक में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में जनसांख्यिकी बदलावों पर भी मंथन किया गया। सूत्रों के मुताबिक, संघ ने कहा कि वर्तमान पद्धति पारदर्शी और वैज्ञानिक है। हालांकि कुछ सदस्यों ने आंकड़ों की गोपनीयता और दुरुपयोग की आशंका जताई। समिति ने सुझाव दिया कि डेटा संग्रह के बाद उसकी सुरक्षा के लिए कड़े नियम बनाए जाएं। सरकारी अधिकारियों ने बताया कि अगली जनगणना में यही तरीका अपनाया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि सही धार्मिक डेटा नीति निर्माण में मदद करेगा। विपक्षी दलों ने इस कदम को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। संघ ने स्पष्ट किया कि उसका उद्देश्य केवल सामाजिक तथ्यों को सामने लाना है। बैठक के अंत में सभी सदस्यों ने एकमत से प्रस्ताव पारित किया। अब इस प्रस्ताव को सरकार के पास भेजा जाएगा। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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