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सचिन पायलट ने पंजाब में सीजेपी के स्कूल ऑडिट पर उठाए सवाल

12/9/2026, 9:39:10 am
सचिन पायलट ने पंजाब में सीजेपी के स्कूल ऑडिट पर उठाए सवाल
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पंजाब में कांग्रेस के प्रभारी सचिन पायलट ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) दूसरे राज्यों में स्कूलों का ऑडिट जिस तरह कर रही है, वही पैमाना पंजाब के सरकारी स्कूलों पर भी अपनाया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सीजेपी की टीम केवल चुनिंदा स्कूलों को निशाना बना रही है और बाकी को नजरअंदाज कर रही है। पायलट ने कहा कि अगर ऑडिट का मकसद शिक्षा व्यवस्था सुधारना है तो उसे पूरे राज्य में एक समान तरीके से चलाया जाना चाहिए। पायलट ने आगे कहा कि पंजाब के शिक्षा मंत्री और विभाग के अधिकारियों से इस बारे में स्पष्टीकरण मांगा गया है। उन्होंने मांग की कि ऑडिट रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए ताकि जनता खुद देख सके कि किन स्कूलों में कमियां पाई गई हैं। इस बयान के बाद सीजेपी के प्रवक्ता ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऑडिट प्रक्रिया पारदर्शी है और किसी भी राज्य में भेदभाव नहीं किया जाता। उन्होंने पायलट के आरोपों को राजनीतिक बताया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद आने वाले विधानसभा चुनाव से पहले दोनों दलों के बीच तनाव बढ़ा सकता है। पंजाब में शिक्षा व्यवस्था पहले से ही चर्चा का विषय रही है और ऑडिट के नतीजे चुनावी मुद्दा बन सकते हैं। पायलट ने यह भी कहा कि वे केंद्र सरकार से अपील करेंगे कि राष्ट्रीय स्तर पर स्कूल ऑडिट का एक समान मानक तय करे। उनके अनुसार इससे सभी राज्यों को बराबर मौका मिलेगा और राजनीतिक दबाव कम होगा। पिछले साल सीजेपी ने हरियाणा और उत्तर प्रदेश में भी स्कूल ऑडिट किया था, जिसमें कई स्कूलों को नोटिस जारी किए गए थे। उस समय भी विपक्षी दलों ने ऑडिट की निष्पक्षता पर सवाल उठाए थे। पंजाब के शिक्षा विभाग के आंकड़ों के मुताबिक राज्य में करीब 22,000 सरकारी स्कूल हैं, जिनमें से लगभग 15 प्रतिशत में बुनियादी सुविधाओं की कमी पाई गई है। पायलट ने इन आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि ऑडिट केवल कागजी नहीं होना चाहिए। कांग्रेस के अन्य नेताओं ने भी पायलट के बयान का समर्थन किया है। पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा कि शिक्षा का मुद्दा किसी भी पार्टी से ऊपर होना चाहिए और सभी दलों को मिलकर इसे सुधारना होगा। वहीं, सीजेपी के राज्य प्रमुख ने दावा किया कि ऑडिट रिपोर्ट जल्द ही सार्वजनिक की जाएगी और उसमें किसी भी तरह का पक्षपात नहीं होगा। उन्होंने पायलट को चुनौती दी कि वे अपने दावों के पक्ष में सबूत पेश करें। चुनाव आयोग ने भी इस मामले पर नजर रखने की बात कही है, ताकि ऑडिट का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए न किया जा सके। विशेषज्ञों का कहना है कि पारदर्शी ऑडिट से ही शिक्षा व्यवस्था में वास्तविक सुधार संभव है। समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया
समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया

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