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सऊदी अरब में फिर धमाके, हूती हमलों से तनाव बढ़ा

19/9/2026, 4:32:10 am
सऊदी अरब में फिर धमाके, हूती हमलों से तनाव बढ़ा
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रियाद में शुक्रवार की रात फिर से तेज धमाकों की आवाज सुनाई दी, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई। सऊदी अरब के सुरक्षा बलों ने तुरंत इलाके को घेर लिया और जांच शुरू कर दी। उधर, यमन के कई प्रांतों में हूती विद्रोहियों ने सैन्य ठिकानों और नागरिक इलाकों पर मिसाइल तथा ड्रोन हमले किए। संयुक्त राष्ट्र ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है और बातचीत के रास्ते खोलने को कहा। सऊदी अधिकारियों ने कहा कि धमाके किसी बाहरी हमले के संकेत नहीं हैं, बल्कि तकनीकी खराबी के कारण हुए हो सकते हैं। हूती प्रवक्ता ने दावा किया कि उनके हमले सऊदी अरब के हवाई अभियानों के जवाब में किए गए हैं। पिछले महीने भी रियाद के बाहरी इलाके में इसी तरह की आवाजें सुनी गई थीं, जिसके बाद दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर आरोप लगाए थे। विशेषज्ञों का मानना है कि ताजा घटनाक्रम क्षेत्रीय सुरक्षा को और जटिल बना सकता है, खासकर जब ईरान और अमेरिका भी इस विवाद में अपनी भूमिका निभा रहे हैं। भारत ने भी इस स्थिति पर नजर रखी है और खाड़ी क्षेत्र में अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए दूतावासों को अलर्ट रहने को कहा है। आने वाले दिनों में दोनों पक्षों के बीच किसी समझौते की संभावना कम दिख रही है, जिससे तनाव और बढ़ सकता है। सऊदी अरब की सरकार ने अपने बयान में कहा कि वह क्षेत्रीय स्थिरता के लिए हर संभव कदम उठाएगी और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सहयोग मांगेगी। हूती नेताओं ने भी कहा कि वे तब तक लड़ाई जारी रखेंगे जब तक सऊदी अरब यमन में अपने हवाई हमले बंद नहीं करता। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने चेतावनी दी है कि लंबे समय तक तनाव रहने से तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव आ सकता है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था प्रभावित होगी। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने इस मुद्दे पर आपात बैठक बुलाने का प्रस्ताव रखा है, लेकिन अभी तक कोई फैसला नहीं लिया गया है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने अपने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है और खाड़ी देशों में भारतीय दूतावासों को सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने को कहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि बातचीत नहीं शुरू हुई तो संघर्ष और गहरा सकता है, जिससे पूरे मध्य-पूर्व की शांति खतरे में पड़ जाएगी। समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

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