लाइव
टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।
champaran

सावन में चम्पारण के शिवालयों की भव्य सजावट और भोलेनाथ की भक्ति

17/8/2026, 12:48:00 am
सावन में चम्पारण के शिवालयों की भव्य सजावट और भोलेनाथ की भक्ति
सावन का महीना आते ही चंपारण के शिवालयों में विशेष सजावट शुरू हो जाती है। भक्त मानते हैं कि इस महीने में भोलेनाथ की आराधना करने से सभी मनोकामनाएँ पूरी होती हैं। इसलिए जिले भर के मंदिरों में फूलों की मालाएँ, रंगीन रोशनी और विशेष झांकियाँ लगाई जाती हैं। चंपारण, जो बिहार के उत्तरी हिस्से में स्थित है, यहाँ कई प्राचीन शिव मंदिर हैं। सबसे प्रमुख मोतिहारी स्थित बाबा Garibnath मंदिर है, जहाँ हर साल सावन के सोमवारों को लाखों devotees जमा होते हैं। मंदिर के परिसर में मार्बल की फर्श पर गुलाब, गेंदा और चमेली के फूल बिछाए जाते हैं, जबकि प्रवेश द्वार पर toran लगाया जाता है। इसी तरह चपिया के शिव मंदिर और ढाका के पुराने शिवालय भी सजावट के मामले में पीछे नहीं रहते। यहाँ भक्तों द्वारा हज़ारों बेलपत्र, धतूरा और अक्षत चढ़ाए जाते हैं। मंदिर के घंटे की ध्वनि और संक्षिप्त शंखनाद वातावरण को भक्तिमय बना देते हैं। सावन के सोमवारों को व्रत रखने वाले श्रद्धालु सुबह स्नान करके मंदिर पहुँचते हैं। वे शिवलिंग पर शुद्ध जल, दूध, dahi और घी चढ़ाते हैं, फिर ॐ नमः शिवाय का जाप करते हैं। कई भक्त अखंड काव्य पाठ या भजन की मंडली लगाकर रात भर जागरण करते हैं। जिला प्रशासन भी इस अवसर पर विशेष इंतज़ाम करता है। अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाता है, जिससे भीड़‑प्रबंधन और सुरक्षा में कोई कमी न रहे। स्वास्थ्य शिविर लगाकर पीने के पानी की व्यवस्था, primeros socorros और ambulance की सेवा सुनिश्चित की जाती है। सांस्कृतिक आयोजन भी इस महीने की पहचान बन गए हैं। स्थानीय कलाकार भजन‑कीर्तन, हरिभक्ती और शिव तांडव की प्रस्तुतियां देते हैं। कभी‑कभी भव्य शोभा यात्रा निकाली जाती है, जिसमें decorously adorned elephants और tabla‑वादकों की टोली शामिल होती है। इस प्रकार सावन में चंपारण के शिवालय न केवल धार्मिक केंद्र बनते हैं, बल्कि सामाजिक एकता का प्रतीक भी बन जाते हैं। भक्तों की श्रद्धा और स्थानीय प्रशासन की तैयारी मिलकर इस पावन महीने को यादगार बना देती हैं। इस साल पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए कई मंदिर समितियों ने प्लास्टिक की बजाय biodegradable material से बनी मालाएँ और पत्तों से बनी सजावट अपनाई है। volunteers ने कूड़ेदान लगाकर सफाई अभियान चलाया, जिससे मंदिर परिसर स्वच्छ रहा। इसके अलावा, solar-powered luces का उपयोग करके बिजली की खपत कम की गई। समाचार स्रोत: Google News — Champaran (Hindi)
समाचार स्रोत: Google News — Champaran (Hindi)

संबंधित

चंपारण के रामाशंकर ने हल्दी की खेती से कमाए ₹4 लाख प्रति एकड़, मिली अंतर्राष्ट्रीय पहचानchamparan

चंपारण के रामाशंकर ने हल्दी की खेती से कमाए ₹4 लाख प्रति एकड़, मिली अंतर्राष्ट्रीय पहचान

17/8/2026, 5:14:46 am
सावन में बिना प्याज-लहसुन का नाश्ता: चंपारण जलपान पर साल के पत्ते में परोसा जाता है सात्विक स्वादchamparan

सावन में बिना प्याज-लहसुन का नाश्ता: चंपारण जलपान पर साल के पत्ते में परोसा जाता है सात्विक स्वाद

17/8/2026, 3:47:42 am
चंपारण के वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. दिवाकर राय को पंडित राजकुमार शुक्ल शिखर सम्मानchamparan

चंपारण के वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. दिवाकर राय को पंडित राजकुमार शुक्ल शिखर सम्मान

17/8/2026, 2:05:00 am
सावन में चंपारण के शिवालयों की भव्य सजावट, भक्तों का उमड़ा सैलाबchamparan

सावन में चंपारण के शिवालयों की भव्य सजावट, भक्तों का उमड़ा सैलाब

17/8/2026, 12:48:00 am
पश्चिम चंपारण में बाइक की टक्कर के बाद 90 हजार लूटे, वृद्ध की मौत; पुलिस जांच में जुटीchamparan

पश्चिम चंपारण में बाइक की टक्कर के बाद 90 हजार लूटे, वृद्ध की मौत; पुलिस जांच में जुटी

16/8/2026, 6:05:00 am
हरसिद्धि के भोपतपुर चंवर में लापता वृद्ध महिला का शव मिला, परिजनों ने भूमि विवाद में हत्या का आरोप लगायाchamparan

हरसिद्धि के भोपतपुर चंवर में लापता वृद्ध महिला का शव मिला, परिजनों ने भूमि विवाद में हत्या का आरोप लगाया

15/8/2026, 2:15:31 pm