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एससीओ घोषणापत्र: आतंकवाद पर दोहरा मापदंड नहीं चलेगा, ईरान के साथ खड़े हुए सदस्य देश

1/9/2026, 9:06:31 pm
एससीओ घोषणापत्र: आतंकवाद पर दोहरा मापदंड नहीं चलेगा, ईरान के साथ खड़े हुए सदस्य देश
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एससीओ के सदस्य देशों ने 2 सितंबर को जारी संयुक्त घोषणापत्र में साफ कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में किसी भी तरह का दोहरा मापदंड स्वीकार नहीं किया जाएगा। बैठक में भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान, ईरान और मध्य एशिया के पांच देशों के नेताओं ने हिस्सा लिया। घोषणापत्र में आतंकवादी गुटों की फंडिंग, भर्ती और सीमा पार गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए साझा तंत्र बनाने की बात कही गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि आतंकवाद को किसी भी मजहब या क्षेत्र से जोड़ना गलत है। उन्होंने आतंकवाद के स्रोत देशों पर दबाव बढ़ाने की मांग की। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी यही रुख दोहराया और संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों को लागू करने पर जोर दिया। घोषणापत्र का एक अहम हिस्सा ईरान के प्रति एकजुटता जताना है। सदस्य देशों ने ईरान पर लगाए गए एकपक्षीय प्रतिबंधों को गैर‑कानूनी बताया और कहा कि क्षेत्रीय स्थिरता के लिए ईरान की सुरक्षा चिंताओं का सम्मान जरूरी है। इससे पहले ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी ने बैठक में आतंकवाद के खिलाफ सहयोग बढ़ाने का प्रस्ताव रखा था। जानकारों का मानना है कि यह घोषणापत्र एससीओ को आतंकवाद विरोधी मंच के रूप में मजबूत करेगा, लेकिन असली परीक्षा इसके अमल में होगी। पाकिस्तान और चीन के बीच सीमा विवाद, अफगानिस्तान में तालिबान की वापसी और मध्य एशिया में नशीले पदार्थों की तस्करी जैसी चुनौतियां अभी बाकी हैं। भारत ने घोषणापत्र का स्वागत करते हुए कहा कि वह आतंकवाद के खिलाफ किसी भी साझा कार्रवाई में पूरी तरह शामिल रहेगा। साथ ही नई दिल्ली ने ईरान के साथ ऊर्जा और व्यापार संबंधों को आगे बढ़ाने का संकेत दिया। समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

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