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11 सितंबर को यूपी, बिहार और मध्य प्रदेश में भारी बारिश, IMD ने जारी किया अलर्ट

11/9/2026, 2:29:52 am
11 सितंबर को यूपी, बिहार और मध्य प्रदेश में भारी बारिश, IMD ने जारी किया अलर्ट
11 सितंबर को उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में तेज़ बारिश दर्ज की गई। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने इन राज्यों में भारी वर्षा की चेतावनी जारी करते हुए orange और red अलर्ट घोषित किए। यूपी के पूर्वी जिलों जैसे गोरखपुर, देवरिया और बनारस में 24 घंटे के भीतर 150 मिलीमीटर से अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई। इससे नदियों जैसे घाघरा और गंडक का जलस्तर तेज़ी से बढ़ा। बिहार में पटना, मुज़ッフरपुर और भागलपुर क्षेत्र में भी Similar स्थिति देखी गई। शहर की मुख्य सड़कों पर जलजमाव हो गया, जिससे यातायात बाधित हुआ और कई कमजोर इलाकों में पानी घरों में घुस गया। मध्य प्रदेश के जबलपुर, भोपाल और इंदौर संभाग में भी 100 से 120 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। यहाँ नर्मदा और ताप्ती नदियों के किनारे बसे गाँवों में evacuation की तैयारी की जा रही है। IMD ने अपनी बुलेटिन में कहा कि अगले 48 घंटों में वर्षा की तीव्रता और बढ़ सकती है, विशेषकर पहाड़ी क्षेत्रों में बादल फटने की संभावना है। इसलिए नदियों के किनारे बसे समुदायों को सतर्क रहने की सलाह दी गई। राज्य सरकारों ने आपदा प्रतिक्रिया टीमों को तैनात कर दिया है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें बचाव और राहत कार्य में लगाई गई हैं। अस्थायी शिविर खोले गए हैं जहाँ बेघर परिवारों को आश्रय, भोजन और चिकित्सा सुविधा प्रदान की जा रही है। किसान संगठनों ने चेतावनी देते हुए कहा कि लगातार बारिश से खरीफ फसल, विशेषकर धान और सोयाबीन, को नुकसान हो सकता है। उन्होंने सरकार से तुरंत मुआवजा और फसल बीमा की प्रक्रिया तेज़ करने की मांग की। रेलवे ने भी सावधानी बरतते हुए कई ट्रेनों को रद्द या देरी से चलाने का निर्णय लिया। विशेषकर पूर्व मध्य रेलवे zones में ट्रैक पर पानी भरने से संकेत प्रणाली प्रभावित हुई। हवाई अड्डों पर भी असर पड़ा; पटना और वाराणसी हवाई अड्डे पर कुछ उड़ानों को रद्द किया गया जबकि दृश्यता कम होने कारण लैंडिंग में देरी हुई। नागरिकों से अपील की गई है कि अनावश्यक यात्रा टालें, बिजली के खंभों और गिरे हुए पेड़ों से दूर रहें, और आपातकालीन संख्या 112 पर संपर्क रखें। साथ ही पीने के पानी की शुद्धता पर ध्यान देना आवश्यक है, क्योंकि बाढ़ के पानी से प्रदूषण का खतरा बढ़ता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस वर्ष मानसून की सक्रियता सामान्य से अधिक है, जिससे ऐसी भारी वर्षा की घटनाएं बढ़ रही हैं। जल संरक्षण और बाढ़ प्रबंधन के दीर्घकालिक उपायों पर तुरंत ध्यान देना आवश्यक है। अधिकारियों ने assurances दिया कि बचाव सामग्री, नावें और हेलीकॉप्टर तैयार रखे गए हैं। स्थिति की निरंतर निगरानी की जा रही है और अपडेट आधिकारिक वेबसाइट एवं सोशल मीडिया के माध्यम से साझा किए जाएंगे। समाचार स्रोत: Google News — Bihar (Hindi)
समाचार स्रोत: Google News — Bihar (Hindi)

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