भारत
पूर्व बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने इस्तीफे के बाद टैक्स नीति पर सवाल उठाए
19/8/2026, 3:12:55 am

Original publisher image
बीजेपी के पूर्व प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने हाल ही में पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया।
वह 2019 से राष्ट्रीय प्रवक्ता के तौर पर टीवी डिबेट और प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकार की नीतियों का बचाव करते रहे।
इस्तीफे के बाद उन्होंने एक ऐसा मुद्दा उठाया जो सीधे मध्यम वर्ग को प्रभावित करता है।
पूनावाला ने कहा कि नई कर व्यवस्था ने आम आदमी की जेब पर भारी बोझ डाला है।
पिछले बजट में जीएसटी की दरें 5 प्रतिशत से 12 प्रतिशत तक बढ़ाई गईं और आयकर छूट की सीमा 2.5 लाख रुपये से घटाकर 2 लाख रुपये कर दी गई।
उन्होंने खासकर जीएसटी की नई दरों और आयकर छूट की सीमा में बदलाव पर सवाल खड़े किए।
पूर्व प्रवक्ता ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर बताया कि मध्यम वर्ग की बचत घट रही है और खर्च बढ़ रहा है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि कर ढांचे को सरल बनाया जाए और छूट की सीमा बढ़ाई जाए।
मध्यम वर्ग के कई संगठनों ने पूनावाला की मांग का समर्थन किया है और आंदोलन की चेतावनी दी है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पूनावाला के इस कदम से पार्टी के अंदर भी चर्चा शुरू हो गई है।
हालांकि पार्टी ने अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
वित्त मंत्री ने पिछले हफ्ते कहा था कि कर सुधार जारी रहेंगे और अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए कठोर कदम जरूरी हैं।
आगामी संसद सत्र में इस मुद्दे पर चर्चा होने की संभावना है और विपक्ष भी सरकार से स्पष्टीकरण मांग सकता है।
आने वाले दिनों में देखना होगा कि सरकार इस मुद्दे पर क्या कदम उठाती है।
शहजाद पूनावाला पहले कांग्रेस के युवा विंग में सक्रिय थे और 2014 के चुनाव में बीजेपी के पक्ष में प्रचार किया था।
उनके इस्तीफे की घोषणा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में की गई जहां उन्होंने कहा कि वे अब स्वतंत्र रूप से जनहित के मुद्दे उठाएंगे।
सोशल मीडिया पर उनके वीडियो को लाखों बार देखा गया और कई यूजर्स ने उनके साहस की सराहना की।
कुछ बीजेपी नेताओं ने निजी बातचीत में पूनावाला के फैसले को निराशाजनक बताया, लेकिन सार्वजनिक रूप से कोई बयान नहीं दिया।
आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि जीएसटी दरों में वृद्धि से छोटे कारोबारियों और नौकरीपेशा लोगों पर दबाव बढ़ा है।
सरकार के पास अभी भी विकल्प है कि वह छूट सीमा बढ़ाकर मध्यम वर्ग को राहत दे सकती है।
अगर सरकार इस मांग को नजरअंदाज करती है तो आने वाले चुनाव में मध्यम वर्ग का मतदान पैटर्न बदल सकता है।
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
संबंधित
भारतसुप्रीम कोर्ट का सीपीसीबी को निर्देश: दिवाली से पहले पटाखों की शोर सीमा पर फिर से विचार करे
20/8/2026, 3:01:21 am
भारतमुंबई को मिलेंगी 150 नई डबल-डेकर इलेक्ट्रिक बसें, ठाणे सुरंग में मलबा हटाने के सख्त निर्देश
20/8/2026, 2:45:54 am
भारतओडिशा में टैक्सी चालकों की हड़ताल में हिंसा, पुलिस पर पथराव; तेलंगाना में प्राचार्य की हत्या
20/8/2026, 2:35:49 am
भारतदिल्ली में पाकिस्तानी उच्चायोग के बाहर सुरक्षा घेरा हटाया गया, आधिकारिक बयान का इंतजार
20/8/2026, 1:58:47 am
भारतउत्तराखंड में 4879 जंगल आग अलर्ट, सिर्फ 12.5% सही
20/8/2026, 1:23:23 am
भारतसुप्रीम कोर्ट आज उद्योग की परिभाषा तय करेगा, चीनी स्टॉक पर सीमा और नागरिकता नियम बदले
20/8/2026, 1:04:10 am
