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सिक्किम की 40 ग्लेशियल झीलें खतरे की घंटी, 16 पर सबसे ज्यादा जोखिम

3/9/2026, 8:40:46 pm
सिक्किम की 40 ग्लेशियल झीलें खतरे की घंटी, 16 पर सबसे ज्यादा जोखिम
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सिक्किम में वैज्ञानिकों और राज्य सरकार की संयुक्त टीम ने 40 ग्लेशियल झीलों की पहचान की है। इनमें से 16 झीलें ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) के लिहाज से सबसे ज्यादा खतरनाक मानी गई हैं। पिछले कुछ दशकों में तापमान बढ़ने से हिमनद तेजी से पिघल रहे हैं, जिससे झीलों का जलस्तर लगातार ऊपर जा रहा है। 2023 में दक्षिण लोनाक झील के फटने से आई बाढ़ ने कई गांव तबाह कर दिए थे और सैकड़ों लोग बेघर हो गए थे। वह घटना अब भी लोगों के जेहन में ताजा है। वैज्ञानिकों ने उपग्रह चित्रों और मैदानी सर्वेक्षण के आधार पर झीलों की गहराई, पानी की मात्रा और बांध की स्थिरता का आकलन किया है। उच्च जोखिम वाली 16 झीलों में दक्षिण लोनाक, उसके आसपास की छोटी झीलें, जेमू चांग और युमथांग जैसी झीलें शामिल हैं। इन झीलों के बांध मुख्य रूप से बर्फ और मलबे से बने हैं, जो कभी भी दरार पड़ सकते हैं। अगर बांध टूटा तो भारी मात्रा में पानी नीचे की ओर बहेगा, जिससे बाढ़, भूस्खलन और सड़क‑पुल जैसी बुनियादी सुविधाओं को भारी नुकसान पहुंच सकता है। राज्य सरकार ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के साथ मिलकर जल्दी चेतावनी प्रणाली लगाने की योजना बनाई है। इस प्रणाली में स्वचालित सेंसर, सैटेलाइट निगरानी और स्थानीय समुदाय को अलर्ट भेजने वाला मोबाइल ऐप शामिल होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर चेतावनी और निकासी योजना से जान‑माल का नुकसान काफी कम किया जा सकता है। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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