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सुभाष चंद्रा को कर्ज माफी: 22 हजार करोड़ के बदले सिर्फ 6.5 करोड़ चुकाने का फैसला

30/8/2026, 9:47:41 am
सुभाष चंद्रा को कर्ज माफी: 22 हजार करोड़ के बदले सिर्फ 6.5 करोड़ चुकाने का फैसला
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कर्जदाताओं ने अदालत में दावा किया कि सुभाष चंद्रा की कंपनियों ने बैंकों और वित्तीय संस्थानों से 22 हजार करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज लिया था। ये कंपनियां अब डिफॉल्टर घोषित हो चुकी हैं। सुभाष चंद्रा इन कर्जों के गारंटर थे, इसलिए बैंक उनसे पूरी रकम वसूलना चाहते थे। मगर हाल ही में एक अदालती आदेश ने गारंटर की देनदारी को केवल 6.5 करोड़ रुपये तक सीमित कर दिया। अदालत ने कहा कि गारंटर की जिम्मेदारी मूल कर्ज की रकम के अनुपात में नहीं, बल्कि समझौते की शर्तों के अनुसार तय होगी। इस फैसले से बैंकों को बड़ा झटका लगा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसा फैसला कॉर्पोरेट गारंटी के नियमों को कमजोर कर सकता है। यदि गारंटर केवल मामूली रकम चुकाकर छूट जाएं, तो भविष्य में बैंक बड़े कर्ज देने से हिचकिचाएंगे। इससे छोटे उद्यमियों को भी कर्ज मिलना कठिन हो सकता है। सुभाष चंद्रा के वकीलों ने दलील दी कि गारंटी समझौते में स्पष्ट सीमा नहीं थी, इसलिए अदालत ने उनकी बात मानी। बैंकों के वकील अब इस फैसले को ऊपरी अदालत में चुनौती देने की तैयारी कर रहे हैं। इस मामले ने भारतीय वित्तीय प्रणाली में गारंटर की भूमिका पर नए सवाल खड़े किए हैं। नियामक संस्थाएं अब गारंटी समझौतों के मानक तय करने पर विचार कर रही हैं। समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया
समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया

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