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भारत

चुनाव में काले धन पर सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख, 24 घंटे में जब्ती की सूचना अनिवार्य

17/8/2026, 4:09:56 am
चुनाव में काले धन पर सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख, 24 घंटे में जब्ती की सूचना अनिवार्य
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सुप्रीम कोर्ट ने चुनावी काले धन पर सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने सभी जांच एजेंसियों को आदेश दिया कि जब भी नकदी जब्त की जाए, उसकी सूचना 24 घंटे के भीतर चुनाव आयोग और संबंधित प्राधिकरण को दी जाए। इस निर्देश का मकसद धन के अवैध प्रवाह को तुरंत रोकना और पारदर्शिता बढ़ाना है। न्यायालय ने कहा कि मौजूदा व्यवस्था में देरी के कारण कई बार जब्त राशि का ब्यौरा देर से सामने आता है, जिससे दोषियों को बचने का मौका मिलता है। नए नियम के तहत हर जब्ती की रिपोर्ट ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। साथ ही, एजेंसियों को जब्त नकदी के स्रोत और उद्देश्य का विवरण भी देना होगा। फैसले में यह भी स्पष्ट किया गया कि राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के खातों की निगरानी के लिए एक स्वतंत्र निगरानी तंत्र बनेगा। यह तंत्र चुनाव आयोग के साथ मिलकर काम करेगा और हर चरण पर नकदी के लेन‑देन की जांच करेगा। अदालत ने चेतावनी दी कि आदेश का उल्लंघन करने वाली एजेंसियों पर कठोर कार्रवाई होगी। चुनावी खर्च की सीमा पहले से तय है, लेकिन काले धन के चलते वास्तविक खर्च अक्सर उससे कहीं अधिक होता है। सुप्रीम कोर्ट का यह कदम चुनावी प्रक्रिया को साफ‑सुथरा बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि 24 घंटे की समय‑सीमा से एजेंसियों पर दबाव बढ़ेगा, पर इससे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा। आने वाले चुनावों में इस आदेश का असर दिखना तय है। राजनीतिक दलों को अब अपने चंदे और खर्च का पूरा ब्यौरा समय पर देना होगा, वरना कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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