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सुप्रीम कोर्ट ने पूछा: क्या भारत को अविकसित देश बने रहना चाहिए?

14/8/2026, 10:08:48 pm
सुप्रीम कोर्ट ने पूछा: क्या भारत को अविकसित देश बने रहना चाहिए?
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सुप्रीम कोर्ट ने पैकेज्ड फूड की लेबलिंग पर सरकार से कड़ा सवाल पूछा है। अदालत ने पूछा कि क्या भारत को अविकसित देश बने रहना चाहिए? यह टिप्पणी एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान आई। याचिकाकर्ता ने कहा कि मौजूदा नियमों में पोषण संबंधी जानकारी अधूरी है और उपभोक्ताओं को गुमराह करती है। न्यायमूर्ति ने कहा कि खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) को लेबल पर शुगर, नमक, फैट और कैलोरी की सटीक मात्रा दिखानी होगी। अदालत ने सरकार को चार हफ्ते में नया मसौदा पेश करने का निर्देश दिया। सरकार की ओर से पेश वकील ने मौजूदा नियमों का बचाव किया और कहा कि उद्योग को समय देना जरूरी है। लेकिन कोर्ट ने कहा कि जन स्वास्थ्य को प्राथमिकता देनी होगी। अदालत ने यह भी कहा कि विदेशों में लागू फ्रंट‑ऑफ‑पैक लेबलिंग मॉडल को अपनाया जा सकता है। भारत में डायबिटीज और मोटापे के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार हर साल लाखों मौतें अस्वस्थ खान‑पान से जुड़ी हैं। FSSAI ने 2022 में एक मसौदा जारी किया था जिसमें फ्रंट‑ऑफ‑पैक चेतावनी लेबल का प्रस्ताव था, लेकिन उद्योग के विरोध के कारण उसे लागू नहीं किया जा सका। कोर्ट ने चिली, मेक्सिको और ब्रिटेन के मॉडल का अध्ययन करने को कहा, जहां लाल‑हरे रंग के लेबल उपभोक्ताओं को तुरंत चेताते हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि चार हफ्ते की अवधि अंतिम है और इसके बाद कोई विस्तार नहीं दिया जाएगा। उपभोक्ता संगठनों ने फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि स्पष्ट लेबल से लोग स्वस्थ विकल्प चुन सकेंगे। उद्योग जगत ने चिंता जताई कि नए नियमों से लागत बढ़ेगी। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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