लाइव
टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।
भारत

सुप्रीम कोर्ट में रिपोर्ट: 326 सांसदों और 14 मुख्यमंत्रियों पर आपराधिक मुकदमे

17/8/2026, 3:22:54 am
सुप्रीम कोर्ट में रिपोर्ट: 326 सांसदों और 14 मुख्यमंत्रियों पर आपराधिक मुकदमे
Original publisher image
सुप्रीम कोर्ट में पेश एक ताज़ा रिपोर्ट ने फिर साबित कर दिया कि भारतीय राजनीति में आपराधिक पृष्ठभूमि वाले नेताओं की भरमार है। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की इस रिपोर्ट के मुताबिक मौजूदा 326 सांसदों और 14 मुख्यमंत्रियों के खिलाफ आपराधिक मुकदमे चल रहे हैं। कुल मिलाकर सांसदों-विधायकों के खिलाफ 4,192 मामले लंबित हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि इनमें से कई मामले गंभीर श्रेणी के हैं — हत्या, हत्या का प्रयास, अपहरण, महिलाओं के खिलाफ अपराध और भ्रष्टाचार जैसे आरोप शामिल हैं। सबसे ज्यादा मामले उत्तर प्रदेश, बिहार और महाराष्ट्र के नेताओं के खिलाफ हैं। सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में ही आदेश दिया था कि नेताओं के आपराधिक मुकदमों की सुनवाई तेज़ी से पूरी की जाए। इसके लिए हर राज्य में विशेष अदालतें बनाने का निर्देश दिया गया था। लेकिन ज़मीनी हालात यह हैं कि ज्यादातर विशेष अदालतें या तो बनी नहीं हैं या उनमें जजों की कमी है। एडीआर के संस्थापक जगदीप छोकर ने कहा, "राजनीतिक दल टिकट देते समय आपराधिक रिकॉर्ड की अनदेखी करते हैं क्योंकि जीतने की संभावना ही उनका एकमात्र पैमाना है।" उन्होंने मांग की कि सुप्रीम कोर्ट अपने आदेश का कड़ाई से पालन करवाए। चुनाव आयोग ने भी कई बार कहा है कि आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों को टिकट न दिया जाए, लेकिन दलों पर इसका असर नहीं पड़ता। 2024 के लोकसभा चुनाव में भी 46 फीसदी सांसद ऐसे चुने गए जिनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज थे। आम नागरिक के लिए यह चिंता की बात है कि कानून बनाने वाले ही कानून तोड़ने के आरोपी हैं। जब तक राजनीतिक दल खुद सुधार नहीं करेंगे, अदालती आदेशों का असर सीमित रहेगा। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

संबंधित