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सूरत के एम्ब्रॉयडरी कारखानों में 12 घंटे की शिफ्ट, हफ़्ते में छुट्टी नहीं

21/8/2026, 2:47:19 pm
सूरत के एम्ब्रॉयडरी कारखानों में 12 घंटे की शिफ्ट, हफ़्ते में छुट्टी नहीं
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सूरत के एम्ब्रॉयडरी कारखानों में हज़ारों मज़दूर रोज़ 12 घंटे की शिफ्ट में काम कर रहे हैं। उन्हें हफ़्ते में एक भी दिन छुट्टी नहीं मिलती। मज़दूरों का कहना है कि फैक्ट्री मालिक ओवरटाइम के नाम पर अलग से वेतन नहीं देते और आराम का समय भी नहीं देते। कई श्रमिकों ने बताया कि लगातार काम से थकान, पीठ दर्द और नींद की कमी आम हो गई है। स्थानीय श्रम संगठनों ने इस मुद्दे को उठाया और प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की। गुजरात श्रम विभाग ने जांच शुरू की है और कहा है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई होगी। मज़दूरों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया और अपनी मांगें लिखित में सौंपीं। फैक्ट्री मालिकों ने दलील दी कि उत्पादन की मांग अधिक होने के कारण शिफ्ट लंबी रखनी पड़ती है। भारत का कारखाना अधिनियम 1948 कहता है कि हर हफ़्ते कम से कम एक दिन का अवकाश अनिवार्य है। विशेषज्ञ मानते हैं कि बिना साप्ताहिक अवकाश के काम करने से स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। सरकार से मांग है कि श्रम कानूनों को सख्ती से लागू किया जाए और उल्लंघन करने वाली इकाइयों पर जुर्माना लगाया जाए। श्रम विभाग के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि अब तक 12 इकाइयों के खिलाफ नोटिस जारी किए गए हैं। जांच पूरी होने तक कारखाने चलते रहेंगे लेकिन मालिकों को नियमों का पालन करना होगा। मज़दूर नेता राजेश भाई ने कहा कि यदि छुट्टी नहीं दी गई तो वे बड़े पैमाने पर हड़ताल करेंगे। उन्होंने यह भी मांग की कि ओवरटाइम का भुगतान कानून के अनुसार किया जाए। स्थानीय एनजीओ ने स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए ताकि प्रभावित मज़दूरों की जांच हो सके। प्रारंभिक रिपोर्ट में 60 प्रतिशत मज़दूरों में मांसपेशियों में खिंचाव और नींद की कमी पाई गई। सरकारी आंकड़ों के अनुसार सूरत में लगभग 1.5 लाख मज़दूर एम्ब्रॉयडरी क्षेत्र में लगे हैं। इनमें से अधिकतर ठेका मज़दूर हैं जिनके पास कोई लिखित अनुबंध नहीं है। श्रम अधिकार कार्यकर्ताओं का मानना है कि अगर नियमों का पालन नहीं हुआ तो यह स्थिति अन्य टेक्सटाइल क्लस्टर में भी फैल सकती है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से त्वरित कार्रवाई की अपील की है। समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया
समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया

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